सपा प्रवक्ता से कहने लगे अर्नब- हाथ जोड़िए, कहिए- अखिलेश के पिताजी की तरफ से मांग रहे हैं माफी

दरअसल साल 2015 में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए लाठीचार्ज में शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती​ के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और बालकदास महाराज और कई साधुओं के साथ मारपीट की गई थी।

akhilesh yadav, haridwar, kumbhसपा नेता अखिलेश यादव ने साल 2015 में हुई मारपीट के मामले को लेकर शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से माफ़ी मांग ली है।(Express photo: Vishal Srivastav)

बीते दिनों उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने 2015 में हुए मारपीट के एक मामले में साधु-संतों से माफी मांगी। इसी मुद्दे पर रिपब्लिक टीवी पर डिबेट के दौरान एंकर अर्नब गोस्वामी ने सपा प्रवक्ता से कहा कि अयोध्या में साधु संतों के साथ जो ज्यादती हुई थी उसके लिए आप हाथ जोड़ कर कहिए कि हम अखिलेश यादव के पिताजी मुलायम सिंह यादव की तरफ से माफ़ी मांग रहे हैं।

दरअसल रिपब्लिक टीवी पर डिबेट शो में अखिलेश यादव के द्वारा माफ़ी मांगे जाने पर एंकर अर्नब गोस्वामी ने सपा प्रवक्ता अतुल सक्सेना से कहा कि मैं जैसा कहता हूं आप वैसा कीजिए। आगे गोस्वामी ने सपा प्रवक्ता से कहा कि आप दोनों हाथ जोड़कर और सर झुकाकर कहिए कि हमने जो किया उसके लिए अगर अगले सौ साल तक भी हर दिन सुबह उठकर माफ़ी मांगें तो तब भी वो कम होगी। 

आगे अर्नब ने कहा कि साथ ही ये भी कहिये कि अखिलेश यादव ने अपने शासनकाल में साधु संतों के ऊपर हुए लाठीचार्ज के लिए तो माफ़ी मांग ली है मगर मुलायम सिंह यादव के शासनकाल में चलाई गई लाठी के लिए उन्होंने माफ़ी नहीं मांगी है इसलिए मैं माफ़ी मांगता हूं। हालांकि अर्नब गोस्वामी के इतना कहते ही सपा प्रवक्ता अतुल सक्सेना ने कहा कि आपने मुझसे लंबा चौड़ा सवाल पूछ लिया है इसलिए मेरा जवाब भी सुन लीजिए।

सपा प्रवक्ता ने कहा कि हम साधु संतों को नमन करते हैं और उनका आदर करते हैं। लेकिन आपके कहने पर हम उनका सम्मान नहीं करेंगे। हमारे अंदर भावना और संवेदना है, हमें शुरू से ही साधु संतों का आदर करना सिखाया जाता है। इसलिए हमें आपसे आचरण सीखने की जरुरत नहीं है. आगे सपा प्रवक्ता ने कहा कि अखिलेश यादव ने माफ़ी मांग कर अपनी परिपक्वता दिखाई है।

दरअसल साल 2015 में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए लाठीचार्ज में शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती​ के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और बालकदास महाराज को उनके शिष्यों के साथ जमकर मारा पीटा गया था। पुलिस के द्वारा किए गए लाठीचार्ज में साधु-संत बुरी तरह से घायल हो गए थे। इतना ही नहीं तत्कालीन सरकार के समय में 1000 ये ज्यादा लोगों पर मारपीट और दंगा भड़काने का मुकदमा भी पुलिस ने दर्ज कर लिया था। हालांकि अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से माफ़ी मांग ली है।

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