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आनंद महिंद्रा ने इंस्टॉल किया Signal, लोग बोले- प्राइवेसी का डर है तो सोशल मीडिया भूल जाइये

आनंद महिंद्रा के इस ट्वीट के रिप्लाई में कई यूज़र ने कहना शुरू कर दिया की अगर आप प्राइवेसी की चिंता करते हैं तो सोशल मीडिया यूज करना भूल जाइये। हालाँकि कई यूज़र ने आनंद महिंद्रा के इस कदम का समर्थन भी किया।

business news latest newsभारतीय कारोबारी आनंद महिंद्रा। (पीटीआई)

महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं।  खासकर ट्विटर पर उनकी जबरदस्त फॉलोइंग है।  कभी कभी आनंद महिंद्रा ट्विटर पर ऐसा कुछ लिख देते हैं जिस पर यूज़र भी बिना प्रतिक्रिया दिए हुए नहीं रह पाते हैं। आज रविवार को आनंद महिंद्रा ने ट्विटर पर लिखा कि मैंने मैसेज भेजने और प्राप्त करने के लिए सिग्नल एप इंस्टाल किया है। आनंद महिंद्रा के इस ट्वीट कई अन्य यूजर उनके मजे लेने लगे और कहने लगे कि अगर प्राइवेसी का डर है तो सोशल मीडिया भूल जाइये।

दरअसल थोड़े दिन पहले व्हाट्सएप ने अपने ग्राहकों के लिए नए नियम लाये हैं। नए नियम के अनुसार अब व्हाट्सएप अपने उपयोगकर्ताओं के डेटा को फेसबुक और इंस्टाग्राम के साथ साझा करेगा। साथ ही अब व्हाट्सएप पर शेयर होने वाले मीडिया सामग्रियों का उपयोग दुनिया भर की वेबसाइट कर सकती है। इसके लिए वेबसाइट को  सिर्फ व्हाट्सएप से परमिशन लेना होगा। व्हाट्सएप के नए नियम से परेशान होकर अब लोग कई अन्य एप को इंस्टाल कर रहे हैं। इसी कड़ी में आनंद महिंद्रा ने भी सिग्नल नाम का एक एप अपने मोबाइल में इंस्टाल किया है और ये बात ट्विटर पर लोगों को बतायी है।

आनंद महिंद्रा के इस ट्वीट के रिप्लाई में कई यूज़र ने यह कहना शुरू कर दिया कि अगर आप प्राइवेसी की चिंता करते हैं तो आप सोशल मीडिया यूज करना भूल जाइये। हालाँकि कई यूज़र ने आनंद महिंद्रा के सिग्नल एप डाउनलोड करने के कदम का समर्थन भी किया। कुछ लोगों ने लिखा कि आपने यह सही किया है। वहीँ कुछ अन्य यूज़र ने लिखा कि जब आपने भी इस एप को डाउनलोड कर ही लिया है तो मुझे भी बिना चिंता किये हुए इस एप को डाउनलोड कर लेना चाहिए। हालाँकि कुछ लोगों ने तो आनंद महिंद्रा को यह भी कह दिया कि क्यों नहीं आप भी इसी तरह का एक एप लांच कर देते हैं जिसमें ग्राहकों को पूरी प्राइवेसी मिले।

क्या है सिग्नल एप

दरअसल सिग्नल  भी व्हाट्सएप की तरह का ही एक मैसेजिंग एप है। सिग्नल एप एंड्राइड, विंडोज़ और आईओएस तीनों में उपलब्ध है। सिग्नल एप की टैगलाइन है “ say hello to privacy”।  यानि कि इस एप में ग्राहकों की प्राइवेसी का पूरा सम्मान किया जाएगा। सिग्नल एप को यूज़र सिर्फ मोबाइल नंबर के सहारे यूज कर सकता है। इसमें उपयोगकर्ताओं को कांटेक्ट, लोकेशन या किसी अन्य तरह का डेटा भी एप के साथ साझा नहीं करना पड़ेगा। साथ ही सिग्नल एप का दावा है कि कंपनी चैटिंग का एक भी हिस्सा अपने सर्वर पर स्टोर नहीं करेगी। इसके अलावा सिग्नल किसी अन्य कंपनी के साथ भी ग्राहकों का डाटा साझा नहीं करेगी।  इस एप को व्हाट्सएप के पूर्व को फाउंडर रहे ब्रायन एक्टन ने बनाया है।

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