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Anand Bhawan Prayagraj: जिस घर में हुआ था पूर्व PM इंदिरा गांधी का जन्म, उस आनंद भवन को मिला 4.35 करोड़ रुपए का नोटिस

Anand Bhawan Prayagraj: जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड की प्रयागराज इकाई की देखरेख कर रहे रवि किरण ने कहा कि प्रयागराज नगर निगम ने इस मुद्दे के अदालत में लंबित होने के बावजूद कई करोड़ का बिल भेजा है।

Author प्रयागराज | Published on: November 20, 2019 4:32 PM
आनन्द भवन प्रयागराज, फोटो सोर्स- youtube

यूपी के प्रयागराज में स्थित ऐतिहासिक आनंद भवन, स्वराज भवन और जवाहर तारामंडल को प्रयागराज नगर निगम (पीएमसी) ने हाउस टैक्स के रूप में 4.35 करोड़ रुपये का नोटिस दिया है। गौरतलब है कि आनंद भवन और स्वराज भवन नेहरू परिवार का घर रहा है। स्वराज भवन अब नेहरू परिवार से संबंधित यादगार के संग्रहालय के रूप में कार्य करता है, जबकि आनंद भवन भी एक संग्रहालय है, जो भारत में स्वतंत्रता आंदोलन के विभिन्न कलाकृतियों और लेखों को प्रदर्शित करता है। तीनों इमारतों का रखरखाव जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड द्वारा किया जाता है। इस ट्रस्ट की अध्यक्ष कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी है। बता दें कि यहीं पर पूर्व पीएम इंदिरा गांधी का जन्म हुआ था।

कमर्शियल पर देना होता है टैक्स: पीएमसी अधिकारियों के अनुसार, इस नोटिस को इसलिए दिया गया है क्योकि आनंद भवन और आस-पास की इमारतों का उपयोग कमर्शियल उद्देश्य से किया जा रहा है। इसलिए बढ़ाया गया हाउस टैक्स देना होगा। प्रयागराज नगर निगम के चीफ टैक्स ऑफिसर, पी के मिश्रा ने कहा कि “लगभग दो हफ्ते पहले, हमने आनंद भवन, स्वराज भवन और जवाहर तारामंडल पर एक हाउस टैक्स नोटिस भेजा था। जवाब में हमें दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड के प्रशासनिक सचिव एन बालकृष्णन से एक पत्र मिला है। पत्र को एक विस्तृत सर्वेक्षण करने और कुल लंबित बकाया राशि के बारे में एक रिपोर्ट सौपने कहा गया है। इस निर्देश के साथ पत्र को जोनल कार्यालय (चार) को भेज दिया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। ”

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 दस्तावेजों के अध्ययन के बाद निर्णय किया जाएगा: मेयर अभिलाषा गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि नई दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड से एक पत्र प्राप्त हुआ था, जिसमें आनंद भवन और आसपास के परिसरों में कमर्शियल कर की समीक्षा करने का अनुरोध किया गया था क्योंकि वे विरासत भवन हैं। मेयर ने बताया कि इस दिशा में आगे कदम उठाने से पहले संबंधित फाइलों और दस्तावेजों का अध्ययन किया जाएगा। उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।

पिछले बिल भुगतान किए जा चुके है:  पीएमसी अधिकारियों ने कहा कि आनंद भवन और संबंधित इमारतों का कमर्शियल संपत्तियों के रूप में सर्वेक्षण किया गया था। दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड के सचिव एन बालाकृष्णन ने कहा कि 2003-04 में ट्रस्ट द्वारा 3,000 रुपये का बिल मिला था, जिसका भुगतान कर दिया गया था। हालांकि, 2005 में, 2004-05 के लिए 24.7 लाख रुपये से अधिक का बिल कोष को भेजा गया था। वर्ष 2013-14 तक 12.34 लाख रुपये का वार्षिक बिल भेजा जाता रहा, लेकिन 2014-15 के बाद इसे घटाकर 8.27 लाख रुपये कर दिया गया था।


टैक्स की गणना ठीक प्रकार नहीं हुआ है: एन बालाकृष्णन ने आगे कहा कि जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड एक धर्मार्थ ट्रस्ट था और किसी भी व्यावसायिक गतिविधियों में शामिल नहीं था। ट्रस्ट को नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 117 बी के तहत इस तरह के करों से छूट दी गई थी। उन्होंने कहा कि परिसर में पिछले चार दशकों से कोई नया निर्माण नहीं किया गया था, लेकिन हाउस टैक्स बढ़ा दिया गया। हाउस टैक्स की गणना ठीक से नहीं की गई है और यहां तक कि खाली जमीन भी शामिल थी। जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड की प्रयागराज इकाई की देखरेख कर रहे रवि किरण ने प्रयागराज नगर निगम ने इस मुद्दे के अदालत में लंबित होने के बावजूद कई करोड़ का बिल भेजा है। दिल्ली में ट्रस्ट के वरिष्ठ अधिकारियों से निर्देश प्राप्त करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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