West Bengal News: तृणमूल कांग्रेस ने गुरुवार को एक वीडियो का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने बीजेपी से 1000 करोड़ रुपये की मांग की और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के संपर्क में थे।
टीएमसी की तरफ से दावा किया गया कि कबीर का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इससे पश्चिम बंगाल में एक नया सियासी विवाद खड़ा हो गया है। क्लिप में कथित तौर पर उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वह भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के समर्थन से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराने के लिए काम कर रहे हैं। जनसत्ता इस वीडियो की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
टीएमसी नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाया वीडियो
फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास और कुणाल घोष ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह वीडियो दिखाया। सत्तारूढ़ पार्टी ने आरोप लगाया कि बीजेपी धर्म के आधार पर राजनीति करने की कोशिश कर रही है और हुमायूं कबीर पर मुस्लिम वोटों को बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
कुणाल घोष ने कहा, “यह वीडियो उन विभिन्न तरीकों का उदाहरण है जिनसे बीजेपी चुनावी हेरफेर कर रही है। बीजेपी वोटों को बांटने के लिए ‘बी’ टीम और ‘सी’ टीम बना रही है। वे मुस्लिम वोटों को विभाजित करने के लिए हुमायूं कबीर जैसे लोगों का इस्तेमाल कर रहे हैं।”
घोष ने आगे कहा, “इस वीडियो से हुमायूं कबीर का पर्दाफाश होता है, जिसमें वह कह रहे हैं कि उन्हें 1000 करोड़ रुपये मिल रहे हैं और इसमें पीएमओ का भी नाम शामिल है। हम जानना चाहते हैं कि वह पीएमओ के किस अधिकारी की बात कर रहे हैं। सब की पहचान होनी चाहिए और हमें जांच की जरूरत है। ईडी को हुमायूं कबीर को आधिकारिक नोटिस जारी करना चाहिए, उनसे पूछताछ होनी चाहिए। ईडी धन के लेन-देन की जांच करती है, यहां धन का मामला है, उन्हें इसकी जांच करनी चाहिए।”
बीजेपी हुमायूं कबीर का इस्तेमाल कर रही- हाकिम
हाकिम ने कहा, “वे बंगाल का अपमान कर रहे थे। बीजेपी हुमायूं कबीर का इस्तेमाल कर रही है, जो एक पलटू (दलबदलू) है और कई बार अपनी पार्टी बदल चुका है।” कथित वीडियो में हुमायूं को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “मुसलमान बहुत भोले होते हैं। उन्हें बेवकूफ बनाना बहुत आसान है। मैं ममता को हर कीमत पर हटाना चाहता हूं। मैंने सुवेंदु अधिकारी से बात की है, जिन्होंने कहा कि वे मुझे दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से मिलवाएंगे। मैं प्रधानमंत्री कार्यालय के भी संपर्क में हूं।”
उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है, “ममता बनर्जी पर भरोसा करने वाले हिंदू अच्छी तरह जानते हैं कि 90-100% मुस्लिम समर्थन उन्हीं के साथ है। अगर मुस्लिम वोट उनके पक्ष में चले जाते हैं, तो हिंदू समझ जाएंगे कि ममता बनर्जी सत्ता में नहीं रह सकतीं। तब उनके पास केवल एक ही विकल्प बचेगा और वह है बीजेपी।”
कथित वीडियो में कबीर को यह कहते हुए भी सुना जा सकता है कि उन्होंने “विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी से बातचीत की।” वे कहते हैं, “उन्होंने मुझे दिल्ली जाने के लिए कहा। असम के मुख्यमंत्री इस मामले की देखरेख करेंगे। मुझे आश्वासन दिया गया कि ‘अगर हम सत्ता में आते हैं, तो आपको उपमुख्यमंत्री का पद दिया जाएगा’।” इसे लेकर फिरहाद हकीम ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव , असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन औवेसी पर हमला बोला।
यह घटना शर्मनाक- फिरहाद हकीम
फिरहाद हकीम ने कहा, “यह घटना शर्मनाक है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि वोट खरीदने-बेचने के लिए धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। जब बीजेपी केंद्रीय एजेंसियों के जरिये भी बंगाल में सत्ता हथियाने में नाकाम रही, तो उन्होंने पर्दे के पीछे से धार्मिक भावनाओं को भड़काने का सहारा लिया। वे एक दलबदलू नेता और हैदराबाद के एक अन्य नेता का इस्तेमाल करके गंदी चाल चल रहे हैं। मैं मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं के इस दुरुपयोग की कड़ी निंदा करता हूं।”
उन्होंने कहा, “वह मस्जिद के नाम पर लोगों की भावनाओं का सौदा कर रहा है। वह 1000 करोड़ रुपये और 300 करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान मांग रहा है। क्या हम, मुस्लिम समुदाय के लोग, इतने मूर्ख हैं कि जब कोई हमारी धार्मिक भावनाओं को बेच रहा हो तो हम चुप रहेंगे? यह सवाल मैं मुस्लिम समुदाय पर छोड़ता हूं।”
कांग्रेस को सात सीटों पर उम्मीदवार बदलने पड़ गए
बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियां अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर रही हैं। कांग्रेस ने भी दूसरे चरण के चुनाव के लिए बुधवार को अपनी एक सूची जारी की, लेकिन उसमें बड़ा बदलाव देखने को मिला। पार्टी ने पहले से घोषित उम्मीदवारों में से 7 सीटों पर बदलाव किया है। पढ़ें पूरी खबर…
