अकाली दल वारिस पंजाब दे (ADWPD) ने आने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों को लेकर पांच और विधानसभा सीटों के प्रभारी घोषित किए। बुधवार को अमृतसर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी ने यह जानकारी दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस की अगुवाई पार्टी की संसदीय बोर्ड के सदस्य और फरीदकोट से सांसद सरबजीत सिंह खालसा ने की।

पार्टी ने अजनाला सीट के लिए पंजाबी अभिनेता और लेखक दलजीत सिंह कलसी, मोगा के लिए गुरमीत सिंह भुक्कनवाला, लुधियाना की गिल सीट के लिए दर्शन सिंह शिवालिक, कपूरथला के लिए बाबा जगजीत सिंह (बाबा जग्गा) और कोटकपूरा के लिए रशपाल सिंह सोसन को विधानसभा प्रभारी नियुक्त किया है।

न्यायिक हिरासत में दो प्रभारी

दलजीत सिंह कलसी और गुरमीत सिंह भुक्कनवाला, सांसद अमृतपाल सिंह के लंबे समय से करीबी सहयोगी रहे हैं। दोनों को पहले राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत गिरफ्तार कर असम की डिब्रूगढ़ जेल में रखा गया था और वे फिलहाल भी न्यायिक हिरासत में हैं।

पंजाबी अभिनेता और दीप सिद्धू के करीबी सहयोगी रहे दलजीत सिंह कलसी ने अमृतपाल सिंह को समर्थन दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।

साल 2022 की शुरुआत में दीप सिद्धू की मौत के बाद उनके परिवार ने अमृतपाल सिंह के नेतृत्व से दूरी बना ली थी। हालांकि कलसी के समर्थन ने इस दूरी को काफी हद तक कम किया और शुरुआती समर्थकों के बीच अमृतपाल सिंह की स्वीकार्यता बढ़ाने में मदद की।

कलसी ने यूनाइटेड किंगडम (UK), कनाडा और दुबई समेत कई देशों का दौरा कर ‘वारिस पंजाब दे’ के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने का भी काम किया। वह दो पंजाबी फिल्मों में मुख्य अभिनेता रह चुके हैं और फिल्म निर्माता (प्रोड्यूसर) के रूप में भी काम कर चुके हैं।

वहीं गुरमीत सिंह भुक्कनवाला ‘वारिस पंजाब दे’ के संस्थापक आयोजकों में से एक हैं। शुरुआत में वह संगठन की मोगा जिला इकाई के प्रमुख थे। अमृतपाल सिंह के पंजाब पहुंचकर ‘खालसा वाहिर’ अभियान शुरू करने के बाद भुक्कनवाला की भी काफी चर्चा हुई।

अभिनेता-निर्माता रह चुके हैं कलसी

पंजाबी अभिनेता और दिवंगत दीप सिद्धू के करीबी सहयोगी रहे दलजीत सिंह कलसी ने अमृतपाल सिंह को राजनीतिक और संगठनात्मक समर्थन दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

साल 2022 की शुरुआत में दीप सिद्धू की मौत के बाद उनके परिवार ने अमृतपाल सिंह के नेतृत्व से दूरी बना ली थी। ऐसे समय में कलसी के समर्थन ने दोनों पक्षों के बीच की दूरी कम करने में मदद की और शुरुआती समर्थकों के बीच अमृतपाल सिंह की स्वीकार्यता मजबूत की।

कलसी ने यूके, कनाडा और दुबई सहित कई देशों का दौरा कर ‘वारिस पंजाब दे’ के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन नेटवर्क तैयार करने का भी काम किया। वह दो पंजाबी फिल्मों में मुख्य अभिनेता रह चुके हैं और फिल्म निर्माता भी रहे हैं।

वहीं गुरमीत सिंह भुक्कनवाला ‘वारिस पंजाब दे’ के संस्थापक आयोजकों में से एक हैं। शुरुआत में वह संगठन की मोगा जिला इकाई के प्रमुख थे। अमृतपाल सिंह के पंजाब पहुंचकर ‘खालसा वाहिर’ अभियान शुरू करने के बाद वह भी सुर्खियों में आए।

रशपाल सिंह सोसन पेशे से पूर्व पत्रकार हैं और पहले मोगा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर चुके थे। बाबा जगजीत सिंह (बाबा जग्गा) कपूरथला के युवा सिख नेता हैं। वह कई वर्षों से सिख राजनीति में सक्रिय हैं और स्थानीय स्तर पर अपनी राजनीतिक पहचान बना रहे हैं।

वहीं दर्शन सिंह शिवालिक शिरोमणि अकाली दल (बादल) के टिकट पर दो बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने 2007 में दाखा और 2012 में गिल (आरक्षित) विधानसभा सीट से चुनाव जीता था।

मौजूदा दाखा विधायक मनप्रीत सिंह अयाली के पार्टी छोड़ने के बाद दर्शन सिंह शिवालिक अकाली दल वारिस पंजाब दे (ADWPD) से जुड़े। अतीत में वह मनप्रीत बादल के भी करीबी माने जाते थे।

‘चन्नी लाओ, पंजाब बचाओ’, अमरिंदर और भूपेश बघेल की मौजूदगी में पंजाब कांग्रेस की बैठक में फिर हंगामा

पंजाब कांग्रेस में जारी अंतर्कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। रविवार को एक बार फिर से कांग्रेस नेताओं में गुटबाजी देखने को मिली। पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों ने बरनाला में कांग्रेस की बैठक के दौरान उस वक्त हंगामा शुरू कर दिया जब अमरिंदर सिंह राजा बोल रहे थे और पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल भी बैठक में मौजूद थे। इस दौरान चन्नी समर्थकों ने नारे लगाए- चन्नी लाओ, पंजबा बचाओ। यह लगातार दूसरा दिन था जब पार्टी की सभा में इस तरह की नारेबाजी देखी गई।