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AMIT SHAH’S BIRTHDAY: चार साल की उम्र में सुबह 4 बजे उठकर पढ़ाई! जानिए कैसा था गृह मंत्री का बचपन

बचपन की पुरानी बातों को याद करते हुए अमित शाह बताते हैं कि उनके दादा चाहते थे कि वो पारंपरिक शिक्षा ग्रहण करें।

Author नई दिल्ली | Published on: October 22, 2019 12:54 PM
गृह मंत्री अमित शाह (फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

भारतीय राजनीति में चाणक्य के नाम से मशहूर भाजपा अध्यक्ष और गृहमंत्री अमित शाह का आज (22 अक्टूबर, 2019) 55वां जन्मदिन हैं। उनका जन्म 22 अक्टूबर 1964 को मुंबई में हुआ था। देश-दुनिया में हजारों लोग ऐसे हैं जो शाह बचपन से जुड़ी बातें जानना चाहते हैं। ऐसे में हम भाजपा अध्यक्ष के जन्मदिन पर उनसे जुड़ी कई रोचक जानकारियां आपको बताने जा रहे हैं। अमित शाह एक धनी नगर-वैष्णव परिवार अनिल चंद्र शाह और कुसुम बेन की संतान है। उन्होंने अपने बचपन के कई साल पैतृक गांव में बिताए। दरअसल उनके दादा परिवार संग दोबारा मुंबई छोड़ गुजरात में अपने पैतृक घर में आकर बस गए। इसी बीच चंद्र शाह और कुसुम बेन के यहां अमित शाह का जन्म हुआ।

बचपन की पुरानी बातों को याद करते हुए अमित शाह बताते हैं कि उनके दादा चाहते थे कि वो पारंपरिक शिक्षा ग्रहण करें। ऐसी ही एक शाम को याद करते हुए वह बताते हैं, ‘मेरे बचपन के शुरुआती वर्षो में मैंने आचार्य-शास्त्री से परंपरागत शिक्षा ली। दादा का मेरे प्रति खासा स्नेह था मगर उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि मैं सख्त अनुशासन का पालन करूं। चार साल की उम्र में मुझे सुबह चार बजे उठना होता था और पारंपरिक पोशाक पहनी होती थी ताकि मैं मेरे शिक्षकों के सामने बैठ सकूं और भारतीय धर्मग्रंथों, महाकाव्यों, व्याकरण ग्रंथों, कहानियों, इतिहास जैसे विषय पर अपना पाठ शुरू कर सकूं।’ बताते हैं कि शाह के परदादा और दादा मनसा रियासत के नगरसेठ थे। कहा जाता है कि शाह के परिवार ने श्री अरबिंदो की मेजबानी भी की थी। अरबिंदो उर्फ अरविंद घोष बड़ौदा के गायकवाड़ से जुड़े थे, जिसके महाराजा सायाजी राव थे।

इंडिया टुडे में छपी एक खबर के मुताबिक भाजपा अध्यक्ष का मानना है कि उनकी पार्टी में लगातार परिवर्तनशीलता चल रही है। वह पार्टी के संवाद को सबसे प्रभावशाली संवाद के रूप में देखते हैं। खासकर ऐसे मौकों पर जब पार्टी के खिलाफ झूठे प्रचार-प्रसार को काउंटर किया जाना हो। यहां शाह का निशाना मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की तरफ था।

एक उदाहरण के तौर पर इसे ऐसे समझे- केंद्र में नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के आठ नवंबर, 2018 को नोटबंदी की घोषणा के एक साल बाद जब कांग्रेस ने इसकी पहली सालगिरह पर नोटबंदी का विरोध करने और इस दिन काला दिवस मनाने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के सामने प्रदर्शन करने की निर्णय लिया, तब अमित शाह देशभर में पहले इस दिन काला धन विरोधी दिवस मनाने की योजना बना चुके थे।

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