ताज़ा खबर
 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं बल्कि इस शख्स से रोज बात करते हैं अमित शाह, जानिए क्यों

रिपोर्ट के मुताबिक शाह के विकर्षण (distraction) का कारण पार्टी या विपक्ष नहीं है बल्कि एक तीन महीने की बच्ची है। दरअसल यह तीन महीने की बच्ची कोई और नहीं बल्कि अमित शाह की पोती है।

BJP, gujarat, gujarat BJP, narendra modi, BJP in gujarat, bhilistan, patidar, dalit protest, vijay rupaniप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह। (FILE PHOTO)

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद भारत के दूसरे सबसे ताकतवर शख्स के रूप में वर्णित किया जाता है। शाह की छवि एक सख्त नेता और आक्रमक नेता की है। शाह को बेहतरीन रणनीतिकार माना जाता है। यह उनकी ही रणनीति का नतीजा था कि साल 2014 के चुनाव में शाह के नेतृत्व में बीजेपी और उसके सहयोगी दल को यूपी में 73 सीटें मिली थी। जिसमें अकेले बीजेपी के खाते में 80 में से 72 सीटें आई थीं। देश की सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के ये दोनों शीर्ष नेता एक-दूसरे के बेहद करीबी हैं। रेडिफ ने अपने सूत्रों के हवाले से बताया कि पिछले तीन साल में ऐसा एक भी दिन गया जब दोनों मिले ना हो या फोन पर मोदी और शाह की बातचीत न होती हो। लेकिन अब पीएम मोदी को शाह का ध्यान अपनी ओर करना पड़ता है।

रिपोर्ट के मुताबिक शाह के विकर्षण (distraction) का कारण पार्टी या विपक्ष नहीं है बल्कि एक तीन महीने की बच्ची है। दरअसल यह तीन महीने की बच्ची कोई और नहीं बल्कि अमित शाह की पोती है। अप्रैल महीने में अमित शाह दादा बने थे। उनकी पोती का नाम रुद्री है। पिछले तीन महीने से शाह अपने परिवार में शामिल हुए नन्हे मेहमान से हर रोज बात करते हैं। एक दिन में कम से कम दो बार शाह अपनी पोती से बात करते हैं। वह रुद्री की आवाज फोन पर या फिर वीडियो कॉलिंग वेबसाइट स्काइप पर उसे देखते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह संवाददाता शाह के अपनी पोती से बात करने का साक्षी है। यही, नहीं शाह अभी से इस बच्ची को तीन मैजिकल वर्ल्ड सिखाने में लगे हैं और वह तीन शब्द हैं- “जय श्री राम।”

राजनीति में पीएम मोदी और अमित शाह की जोड़ी हिट मानी जाती है। कहा जाता है कि गुजरात के सीएम रहते हुए नरेंद्र मोदी के चुनाव की कमान शाह के ही हाथों में रहती थी। शाह को पीएम मोदी का बेहद करीबी माना जाता है। शाह की रणनीति का ही नतीजा है कि हाल में 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी ने रिकॉर्ड जीत दर्ज की थी। इन दिनों शाह के ऊपर उन राज्यों की जिम्मेदारी है, जहां 2014 आम चुनावों में पार्टी कमजोर साबित हुई थी। जैसे पश्चिम बंगाल, ओडिशा, केरल आदि।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 राम मंदिर मामले में शिवसेना सांसद संजय राउत का बड़ा बयान- हम कोर्ट को नहीं मानते, अदालत से पूछकर नहीं किया था आंदोलन
2 चीन से तनातनी पर सरकार ने तैयार किया प्रेजेंटेशन, विपक्षी नेताओं के सामने पेश करेंगे पीएम नरेंद्र मोदी के दो बड़े मंत्री
3 पाक सेना की फायरिंग में शहीद हुए भारतीय जवानों के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल, बोले- पाकिस्तान के खिलाफ निर्णायक जंग का वक्त
ये पढ़ा क्या?
X