‘भाजपा की गलतियां नहीं, कांग्रेस पहले राहुल गांधी का पता लगाए’

विपक्ष के हमले को विफल करने के प्रयासों में भाजपा नेतृत्व ने शुक्रवार को अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि वे इस संदेश को फैलाने के लिए एकजुट हो जाएं कि उनका भूमि विधेयक किसान समर्थक है। पार्टी ने ध्यान दिलाया कि जिन राज्यों में भाजपा ने सरकार बनाई है, वहां गोवध पर प्रतिबंध […]

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मोदी सरकार की कमियों को नहीं ढूंढे : अमित शाह (फोटो: एपी)

विपक्ष के हमले को विफल करने के प्रयासों में भाजपा नेतृत्व ने शुक्रवार को अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि वे इस संदेश को फैलाने के लिए एकजुट हो जाएं कि उनका भूमि विधेयक किसान समर्थक है। पार्टी ने ध्यान दिलाया कि जिन राज्यों में भाजपा ने सरकार बनाई है, वहां गोवध पर प्रतिबंध लगाया गया है। पार्टी ने कांगे्रस और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए उन पर भूमि विधेयक के बारे में गलतबयानी करने व भ्रम फैलाने का आरोप लगाया और दावा किया कि उसकी सरकार ने नीतिगत पंगुता व पूर्व के ‘घोटालों वाले शासन’ को खत्म किया है।

भाजपा की शुक्रवार को यहां राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक शुरू हुई जिसमें उसने विपक्ष को ‘हताश, निराश व दिशाहीन’ बताया। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने अपने अध्यक्षीय भाषण में बैठक में विचार विमर्श की दिशा तय करते हुए पार्टी जनों से कहा कि वे इस बात का गर्व से दावा कर सकते हैं कि भूमि कानून के संशोधनों में ऐसा कुछ भी नहीं है जो किसानों के हितों के विरुद्ध हो।

राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कांग्रेस से कहा कि वह सरकार की ऐसी गलतियों को ढूंढना बंद कर दे जो हैं ही नहीं और उसके बजाय वह अपने नेता का पता लगाए। शाह ने अपने अध्यक्षीय भाषण में बैठक में विचार विमर्श की दिशा तय करते हुए पार्टी जनों से कहा कि वे इस बात का गर्व से दावा कर सकते हैं कि भूमि कानून के संशोधनों में ऐसा कुछ भी नहीं है जो किसानों के हितों के विरुद्ध हो।


भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष जानबूझ कर उस भूमि अधिग्रहण विधेयक के बारे में गलत बातें फैला रहा है जो किसानों के हित में है। हम किसानों तक संदेश ले जाएंगे। भाजपा किसानों की मित्र है। किसानों ने ही हमें जनादेश दिया है। उन्होंने आत्ममंथन के लिए कांगे्रस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के अवकाश पर जाने को लेकर उस पार्टी पर करारा तंज कसते हुए कहा कि गैर मुद्दों व काल्पनिक मुद्दे उठाने के बजाय उन्हें यह पता लगाना चाहिए कि उनके नेता कहां हैं। शाह जब प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे, उस समय प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री अरुण जेटली और वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी मंच पर मौजूद थे। बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के 111 सदस्यों के साथ ही भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और राज्यों के पार्टी प्रमुखों सहित बड़ी संख्या में विशेष आमंत्रित लोग भी मौजूद थे। गोवध के मुद्दे पर शाह ने महाराष्ट्र व हरियाणा में पार्टी सरकारों द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। इन राज्यों में गोवध पर प्रतिबंध लगाया गया है और कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि जब भी भाजपा सरकारों का गठन हुआ है, गोवध पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए एक नया कानून लाया गया ताकि उनकी रक्षा हो सके। शाह ने आप पर हमला बोलते हुए कहा कि यह जनलोकपाल के नारे पर सत्ता में आई लेकिन वह इतनी असहनशील हो गई कि उसने अपने ही आतंरिक लोकपाल को हटा दिया। उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर नेताओं को निशाना बनाया और उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया।    

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