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‘परिवर्तन’ की स्क्रिप्ट लिखने अमित शाह पहुंचे बंगाल, आदिवासी कार्यकर्ता के घर जमीन पर बैठ खाया खाना, बोले- 200 सीटों का है लक्ष्य

यहां शाह ने चतुर्दिही गांव के एक आदिवासी परिवार के घर पहुंचकर लंच किया। बिभीषण हंसदा के घर में शाह के लिए केले के पत्ते पर शाकाहारी भोजन का इंतजाम किया गया था। अमित शाह ने कहा कि बंगाल में उन्हें 294 में से 200 सीटों पर जीत हासिल करनी है।

tribe family, amit shah, mamata didiआदिवासी के घर अमित शाह ने किया भोजन। ( फोटो PTI से)

पश्चिम बंगाल में अगले 6 महीने में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। चुनावी अभियान के तहत गृह मंत्री अमित शाह ममता बनर्जी के गढ़ में पहुंच गए हैं। वह दो दिवसीय दौरे पर हैं। शाह ने अपने तीखे तेवर से ममता बनर्जी को निशाने पर लिया तो ‘दीदी’ भी हमलावर हो गईं। इसके बाद शाह ने ‘लंच डिप्लोमैसी का भी दांव चल दिया।’ वह आदिवासी परिवार के घर पहुंचे और जमीन पर बैठकर खाना खाया। इसके बाद चारपाई पर बैठकर कल्याणकारी योजनाओं का ऐलन किया। उन्होंने बंगाल में 294 सीटों में से 200 हासिल करने का लक्ष्य रखा है।

शाह ने कहा, ‘मैं बंगाल के लोगों से अपील करता हूं कि आप टीएमसी को उखाड़ फेंकिए और बीजेपी को सरकार बनाने का मौका दीजिए। हम राज्य को सोनार बांगला बनाकर दिखाएंगे।’ कोलकाता पहुंचने के बाद वह बांकुड़ा पहुंचे और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बिरसा मुंडे की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। बिरसा बिहार और झारखंड के लोगों के आदर्श हैं और उनकी पूजा भी की जाती है। बांकुड़ा में बड़ी संख्या में आदिवासी रहते हैं और 2019 के आम चुनाव में बीजेपी ने यहां से जीत हासिल की थी।

यहां शाह ने चतुर्दिही गांव के एक आदिवासी परिवार के घर पहुंचकर लंच किया। बिभीषण हंसदा के घर में शाह के लिए केले के पत्ते पर शाकाहारी भोजन का इंतजाम किया गया था। उनके आगे, दाल, चावल रोटी, पटोल भाजा, शुकतो, आलू पोस्तो और पापड़ परोसा गया। साथ ही रोसोगुल्ला भी मेन्यू में शामिल था। शाह के साथ बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष भी मौजूद थे।

शाह ने मीडिया को बताया, ‘मैं देख रहा हूं कि लोगों में ममता सरकार के खिलाफ आक्रोश है। हमें विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यहां भी बीजेपी की सरकार बनेगी। ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू नहीं होने दिया। यहां के आदिवासी, दलित, गरीब और पिछड़े लोग लाभों से वंचित रह गए। अगर ममता जी सोच रही हैं कि केंद्र की योजनाओं को न लागू करने से बीजेपी रुक जाएगी तो वह गलती कर रही हैं।’

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