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मिशन 2019: पश्चिम बंगाल और ओडिशा पर बीजेपी की नजर, अमित शाह ने चुनाव जीतने का दिया ‘मंत्र’

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि कार्यकर्ता जनता को बताएं कि एक तरफ जहां भाजपा 'मेकिंग इंडिया' में लगी है वहीं दूसरी ओर कांग्रेस 'ब्रेकिंग इंडिया' में लगी है।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह (Photo: PTI)

मिशन 2019 को लेकर भारतीय जनता पार्टी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुरू हुई है। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने चुनाव जीतने का मंत्र दिया। उनकी नजर पश्चिम बंगाल और ओडिशा पर है। उन्होंने कहा कि, “2019 का चुनाव मोदी सरकार की उपलब्धियों और संगठन की शक्ति के आधार पर लड़ा जाएगा। हमारे सभी कार्यकर्ता सरकार के अच्छे कामों को लोगों के सामने लेकर आएं। अर्थव्यवस्था को लेकर ‘पी. चिदंबरम एंड कंपनी’ द्वारा फैलाई जा रही भ्रांतियों को तथ्यों के आधार पर चुनौती दें। जनता को बताएं कि एक तरफ जहां भाजपा ‘मेकिंग इंडिया’ में लगी है वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ‘ब्रेकिंग इंडिया’ में लगी है। 19 चुनावों में हम आसानी से 19 राज्यों को जीतेंगे जहां हमारी सरकार है। हम बंगाल, ओडिशा और तेलंगाना जैसे राज्यों में दूसरे स्थान पर हैं। सत्ता विरोधी लहर में हमेशा दूसरे स्थान पर रहने वाले को लाभ मिलता है। हम आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे।” बता दें पीएम मोदी ने शनिवार (8 सितंबर) को शुरू हुए इस दो दिवसीय कार्यकारिणी की बैठक का उद्घाटन किया। वे कल (रविवार) को बैठक को संबोधित करेंगे।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि, “पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि ‘महागठबंधन’ एक ढ़कोसला, भ्रांति और झूठ है। महागठबंधन में शामिल पार्टियों को भाजपा ने 2014 के बाद भी पराजित किया है। महागठबंधन से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। यदि हिंदू, सिख, बौद्ध, ईसाई या जैन शरणार्थी अफगानिस्तान, पाकिस्तान या बांग्लादेश से भारत में आश्रय चाहते हैं, तो हमें बिना किसी हिचकिचाहट के शरण देना चाहिए।” रक्षामंत्री ने कार्यकारिणी की बैठक के बारे में बताते हुए कहा कि, “अर्बन नक्सलाइट के मुद्दे पर भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जो कि वोट बैंक की राजनीति करती है, उसने भी इस मामले पर महाराष्ट्र सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की भी सराहना की। तीन तलाक के मुद्दे पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने साफ किया कि कई इस्लामिक देशों ने इसे मंजूरी दे दी है। यह उन देशों में कोई मुद्दा नहीं है। लेकिन यहां राज्यसभा में कांग्रेस के पाखंडी व्यवहार की वजह से फंस गई है और हमें इसे पारित करना है।”

निर्मला सीतारमण ने आगे कहा कि, “पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए 2 स्थितियां होती हैं- यदि सरकार ने अपना बहुमत खो दिया है या यदि पार्टी जनता के लिए चिंता का विषय बन गई है। ऐसी कोई शर्त नहीं थी, फिर भी विपक्ष द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। जब हमने नो कॉन्फिडेंस मोशन जीता, तो विपक्ष ने कहा कि हमने कब कहा था कि एनडीए के पास संख्याबल नहीं है। इससे विपक्षी गंदी राजनीति साफ दिखाई देती है।” बैठक में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा फैसला लिया है। वर्तमान अध्यक्ष अमित शाह  का कार्यकाल अगले वर्ष जनवरी माह में ही समाप्त हो रहा है, लेकिन पार्टी ने उनकी अध्यक्षता में ही चुनाव लड़ने का निर्णय लिया गया। चुनाव को देखते हुए संगठन चुनाव को एक साल तक के लिए टाल दिया गया।

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