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नरेंद्र मोदी के खिलाफ बागी तेवर दिखा चुके राम जेठमलानी से टकरा गए अमित शाह, हंस कर मिले

राम जेठमलानी पूर्व में नरेंद्र मोदी को सत्ता से बाहर रखने के लिए तीसरे मोर्चे की वकालत कर चुके हैं। तीसरे मोर्चे का नेतृत्व करने के लिए पूर्व भाजपा नेता ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम सुझाया था।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह गर्मजोशी से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी से मिलते हुए। (फोटो सोर्स एएनआई)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बागी तेवर दिखा चुके सुप्रीम कोर्ट के सबसे महंगे वकीलों में शुमार राज्यसभा सांसद राम जेठमलानी मंगलवार (3 अप्रैल) को संसद परिसर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ देखे गए। चौंकाने वाली बात ज्यादातर मौकों पर मोदी विरोधी जेठमलानी से अमित शाह ने गर्म जोशी से मुलाकात की। दोनों की तस्वीर न्यूज एजेंसी एएनआई ने शेयर की है। इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री जेठमलानी (94) और अमित शाह एक दूसरे से हाथ मिलाते हुए नजर आ रहे हैं।

बता दें कि राम जेठमलानी पूर्व में नरेंद्र मोदी को सत्ता से बाहर रखने के लिए तीसरे मोर्चे की वकालत कर चुके हैं। तीसरे मोर्चे का नेतृत्व करने के लिए पूर्व भाजपा नेता ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम सुझाया था। दरअसल राम जेठमलानी ने इंदौर में कहा था कि भाजपा और कांग्रेस ने जनता को धोखा देने का काम किया है, इसलिए दोनों दलों के खिलाफ अगले लोकसभा चुनाव में तीसरा मोर्चा बनाया जाना चाहिए।

कभी मोदी समर्थक रहे जेठमलानी ने तब कहा था कि दोनों ही प्रमुख पार्टियां (भाजपा, कांग्रेस) विदेशों से काला धन लाने के लिए चिंतित नहीं हैं। दोनों ही पार्टियां इस मुद्दे पर उदासीन बनी हुई हैं।  उन्होंने आगे कहा कि बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी में पीएम बनने की योग्यता है। अगले चुनाव में मोदी को बाहर करने के लिए ममता तीसरे मोर्चे का नेतृत्व करना चाहिए, उनमें पीएम बनने की काबिलियत है।

दोनों नेताओं की तस्वीरें सामने आने पर ट्विटर यूजर्स ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। ब्रिकम सिंह लिखते हैं कि हाथ नहीं मिलाया होगा, चैक दिया होगा। अब भाजपा के खिलाफ नहीं बेलेंगे राम जेठमलानी। योगी जी फॉर पीएम हैंडल से लिखते हैं, ‘मेरा अनुमान है कि कुछ तो पक रहा है दोनों की बीच।’ राकेश लिखते हैं, ‘सुप्रीम कोर्ट में लालू यादव के मुकदमे फ्री में लड़ते हैं जिसके बदले में उन्हें राज्यसभा का पद मिला। बाकि भाजपा के खिलाफ लालू यादव से ज्यादा अभद्र टिप्पणी करने वालों में से एक हैं।’

 

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