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अहमदाबाद से लौटे और 24 घंटे में अमित शाह ने बदल दिया गेम, गोपाल कांडा से भाजपा ने इसलिए बनायी दूरी

शुक्रवार को अमित शाह अहमदाबाद में थे और दुष्यंत चौटाला से मीटिंग के लिए शुक्रवार शाम में ही दिल्ली लौटे। अमित शाह और दुष्यंत चौटाला की इस बैठक ने हरियाणा चुनाव नतीजों के बाद जारी जोड़-तोड़ का पूरा समीकरण ही बदल दिया।

Amit Shahअमित शाह ने भाजपा और जेजेपी के बीच गठबंधन का ऐलान किया। (PTI Photo/Kamal Singh)

शुक्रवार देर शाम केन्द्रीय गृहमंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने हरियाणा में जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के साथ गठबंधन का ऐलान कर दिया। अमित शाह ने जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला के साथ शाम में एक लंबी बैठक की और उसके बाद ऐलान किया कि राज्य में भाजपा दुष्यंत चौटाला के साथ मिलकर सरकार बनाएगी। अमित शाह ने गठबंधन का ऐलान करते हुए कहा कि “लोगों के जनादेश को ध्यान में रखते हुए भाजपा और जेजेपी ने मिलकर सरकार बनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भाजपा से होगा, वहीं उप-मुख्यमंत्री जेजेपी से होगा।”

बता दें कि शुक्रवार को अमित शाह अहमदाबाद में थे और दुष्यंत चौटाला से मीटिंग के लिए शुक्रवार शाम में ही दिल्ली लौटे। अमित शाह और दुष्यंत चौटाला की इस बैठक ने हरियाणा चुनाव नतीजों के बाद जारी जोड़-तोड़ का पूरा समीकरण ही बदल दिया। बता दें कि चुनाव नतीजे आने के बाद ही ऐसी चर्चाएं थी कि भाजपा निर्दलीय विधायकों के साथ मिलकर सरकार बना सकती है।

इसके लिए भाजपा को हरियाणा लोकहित पार्टी के नेता गोपाल कांडा का समर्थन भी मिल गया था। गोपाल कांडा ने भाजपा को अन्य निर्दलीय विधायकों से समर्थन दिलाने का दावा किया। इसके लिए गोपाल कांडा गुरुवार को ही देर रात चार्टेड प्लेन से दिल्ली पहुंच गए थे और यहां उन्होंने भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी।

इसके साथ ही भाजपा को जेजेपी से गठबंधन होने की सूरत में मंत्री पद को लेकर भी समझौता करना पड़ता। यही वजह थी कि एक वक्त ऐसा लग रहा था कि भाजपा निर्दलीय विधायकों के समर्थन से ही सरकार बना लेगी। लेकिन इसी बीच लोगों ने भाजपा द्वारा गोपाल कांडा से समर्थन लेने के फैसले की आलोचना शुरु कर दी।

बता दें कि गोपाल कांडा एयरहोस्टेस गीतिका शर्मा और उनकी मां द्वारा आत्महत्या करने के मामले में आरोपी हैं और फिलहाल मुकदमे का सामना कर रहे हैं। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर इसे लेकर काफी कुछ कहा गया। वहीं भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने भी ट्वीट कर गोपाल कांडा से समर्थन हासिल करने पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि पार्टी को अपनी नैतिकता नहीं भूलना चाहिए।

विरोध बढ़ता देख भाजपा ने गोपाल कांडा से दूरी बना ली और आखिरकार जेजेपी के साथ गठबंधन का रास्ता साफ हो गया। बता दें कि हरियाणा चुनाव के नतीजों के अनुसार राज्य में भाजपा को 40 सीटों पर जीत मिली। हालांकि उसे बहुमत के लिए 6 और सीटों की जरुरत थी। जेजेपी को 10 सीटों पर जीत मिली है। निर्दलीय विधायक भी भाजपा को समर्थन का ऐलान कर चुके हैं और अब जेजेपी के साथ गठबंधन से भाजपा सरकार के बनने का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है।

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