चारा घोटाला पकड़ने वाले अमित खरे अब होंगे पीएम मोदी के सलाहकार, नई शिक्षा नीति बनाने में भी निभा चुके हैं अहम रोल

मई 2018 और दिसंबर 2019 के बीच सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव के रूप में उन्होंने कार्य किया। उनके नेतृत्व में सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 जारी किए गए थे।

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IIM अहमदाबाद से MBA करने वाले अमित खरे ने दिसंबर 2019 में उच्च शिक्षा सचिव के रूप में कार्यभार संभाला था। (Photo- Indian Express File)

पिछले महीने उच्च शिक्षा सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए पूर्व नौकरशाह अमित खरे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सलाहकार नियुक्त किया गया है।अविभाजित बिहार में 1995-1997 के बीच पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) के उपायुक्त के रूप में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमित खरे ने पशुपालन विभाग में चर्चित चारा घोटाले का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। कार्मिक मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी आदेश में यह जानकारी दी गई।

भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1985 बैच के झारखंड कैडर के अधिकारी खरे इसी साल 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हुए थे। आदेश के मुताबिक कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने भारत सरकार के सचिव के पद और वेतनमान पर प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रधानमंत्री के सलाहकार के रूप में उनकी नियुक्ति को अनुबंध के आधार पर शुरू में दो साल की अवधि के लिए मंजूरी दी है।

आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए करने वाले खरे ने दिसंबर 2019 में उच्च शिक्षा सचिव के रूप में कार्यभार संभाला। मई 2018 और दिसंबर 2019 के बीच सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव के रूप में उन्होंने कार्य किया। उनके नेतृत्व में सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 जारी किए गए थे।

सेंट स्टीफंस कॉलेज से बीएससी (भौतिकी) में स्नातक खरे ने पूर्व में रांची विश्वविद्यालय के कुलपति और झारखंड के विकास आयुक्त के रूप में भी काम किया है। वह तेज तर्रार अफसरों में माने जाते हैं।

इससे पहले केंद्र सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इस बारे में ट्वीट करते हुए कहा, ‘ मैंने अपना 3 साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद शिक्षा जगत में वापस लौटने का फैसला किया है। राष्ट्र की सेवा करना मेरे लिए परम सौभाग्य रहा है। इससे मुझे अद्भुत समर्थन और प्रोत्साहन मिला है।’

पिछले अगस्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाहकार रहे अमरजीत सिन्हा ने भी इस्तीफा दे दिया था। सिन्हा बिहार कैडर (1983 बैच) के एक भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी रहे हैं। उन्हें पिछले साल फरवरी में पीएम मोदी के सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था। उनके इस्तीफे के पीछे का कारण अभी स्पष्ट नहीं है।

पीएम के प्रधान सचिव पीके सिन्हा ने इससे पहले मार्च में इस्तीफा दे दिया था। सिन्हा को भास्कर खुल्बे के साथ प्रधानमंत्री के सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था। तीन दशकों के लंबे करियर में, सिन्हा ने अपनी विशेषज्ञता के क्षेत्र-ग्रामीण विकास के अलावा शिक्षा और पंचायती राज मंत्रालयों में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।

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