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कृषि आंदोलन के बीच पंजाब निकाय चुनाव में बीजेपी पस्त, पार्टी में हड़कंप, जाटों की नाराजगी दूर करने की कोशिशें तेज

पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह ने सांसदों, मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं से कहा है कि वे आंदोलनकारी खासकर जाट समुदाय के किसानों से मिलें, उन्हें पार्टी के रुख से अवगत कराएं।

punjab electionपार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करते पीएम मोदी। (फोटो- पीटीआई)

पिछले ढाई महीने से अधिक समय से चल रहे किसानों के आंदोलन के बीच पंजाब के स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा को करारा झटका लगा है। राज्य में सभी जगह सत्तारूढ़ कांग्रेस का परचम लहरा रहा है। आंदोलन की शुरुआत में ही भाजपा का सहयोगी रहा अकाली दल भी इस चुनाव में ज्यादा कुछ नहीं कर सकी। इन चुनावों के परिणाम ने भाजपा को पस्त कर दिया है। इससे पार्टी में हड़कंप मचा हुआ है। पार्टी ने किसान आंदोलन में प्रमुखता से सक्रिय जाटों की नाराजगी दूर करने के लिए अपना प्रयास तेज कर दिया है।

भाजपा अब न केवल पंजाब, बल्कि हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के नेताओं को निर्देश दिया है कि वे जाट नेताओं, खापों, किसानों से मिलकर उनकी नाराजगी दूर करने की कोशिश करें। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह ने पार्टी सांसदों, मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं से कहा है कि वे अपने इलाकों में आंदोलनकारी किसानों खासकर जाट समुदाय से संपर्क स्थापित करें, उन्हें पार्टी के रुख से अवगत कराएं और बताएं कि पार्टी क्या बदलाव करने को तैयार है।

इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने राज्य में हुए निकाय चुनावों में कांग्रेस की जीत को न सिर्फ पार्टी की विकास-परक नीतियों और कार्यक्रमों की जीत बताया, बल्कि इसे मुख्य विपक्षी दलों- शिअद, आप और भाजपा- के “जन विरोधी कृत्यों” को “पूर्णत: खारिज” करना करार दिया।

कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष सुनील जाखड़ के साथ ही विधायकों, सदस्यों और कार्यकर्ताओं को इस शानदार प्रदर्शन के लिये बधाई देते हुए उन्होंने कहा, “राज्य के लोगों ने स्पष्ट रूप से एक सुर में इन तीनों दलों के विभाजक, अलोकतांत्रिक, असंवैधानिक और प्रतिगामी एजेंडे की निंदा की है।”

सिंह ने लोगों को “पंजाब और उसके भविष्य को बर्बाद करने निकली नकारात्मक और बुरी शक्तियों” को हराने के लिये बधाई दी। मुख्यमंत्री ने यहां एक बयान में आरोप लगाया, “नए कृषि कानूनों के बनने के बाद से पंजाब में हुए पहले प्रमुख चुनावों ने भाजपा को लेकर लोगों के गुस्से को भी सामने ला दिया है जो अपनी पूर्व सहयोगी शिअद, तथा दिल्ली में सत्तारूढ़ आप के साथ मिलकर इस किसान विरोधी कानून के लिये जिम्मेदार है।”

उन्होंने कहा, “इन सभी दलों ने बेशर्मी से किसानों के अधिकारों को कुचला और इनका स्पष्ट मकसद पंजाब को बर्बाद करना है।” सिंह ने दावा किया कि किसानों के लिये उसके बाद शिअद और आप का नाटक व घड़ियाली आंसू मतदाताओं को बेवकूफ नहीं बना पाए जिन्होंने इन दलों की सियासी नौटंकी देख रखी थी।

मुख्यमंत्री ने कहा, “शिरोमणि अकाली दल (शिअद), आम आदमी पार्टी (आप) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कांग्रेस के आंकड़ों के पास भी नहीं आ पाए और कुछ वार्डों में वे निर्दलीयों से भी पीछे हैं, पंजाब के शहरी मतदाताओं द्वारा अच्छे शासन और प्रगति के लिये किये गये इस मतदान से स्पष्ट है कि वे उनकी घृणित राजनीतिक विचारधाराओं की उपेक्षा करते हैं।”

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