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ट्रैक्टर परेड केसः 22 FIR, बोले BJP के पात्रा- जिन्हें कह रहे थे ‘अन्नदाता’, वे हो गए चरमपंथी; Shivsena ने कहा- बवाल मोदी सरकार के अहंकार का नतीजा

किसान आंदोलन में शामिल दीप सिद्धू का आरोप- "कुछ संगठनों के नेताओं ने तय रूट फॉलो नहीं करने की बात पहले ही कही थी, पर भारतीय किसान यूनियन ने इसे नजरंदाज कर दिया।"

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: January 27, 2021 10:55 AM
Farmers Protestगणतंत्र दिवस पर दिल्ली में ट्रैक्टर परेड निकालने के दौरान नांगलोई के पास हिंसक हुए किसान (फोटो अमित मेहरा इंडियन एक्सप्रेस)

दिल्ली में गणतंत्र दिवस के दिन किसानों का आंदोलन हिंसक होने के एक दिन बाद पुलिस और सुरक्षाबल अब ऐक्शन में हैं। दिल्ली पुलिस सभी उपद्रव वाली जगहों पर सीसीटीवी फुटेज के जरिए हिंसा फैलाने वालों की पहचान कर रही है। अब तक कुल 22 लोगों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। इसके साथ ही सरकार ने भी कृषि कानूनों पर समझौते के लिए आगे आने वाले किसान नेताओं पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। भाजपा नेता संबित पात्रा ने कहा, “जिनको हम इतने दिनों से अन्नदाता कह रहें थे, वो आज उग्रवादी साबित हुए। अन्नदाताओं को बदनाम न करो, उग्रवादियों को उग्रवादी ही बुलाओ!!”

दूसरी तरफ महाराष्ट्र में राकांपा और कांग्रेस के साथ गठबंधन में शामिल शिवसेना ने प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के लिए भाजपा को ही जिम्मेदार ठहरा दिया। शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि दिल्ली में जो कुछ भी हुआ, वह राष्ट्रीय शर्म का मसला है। इन बिगड़े हुए हालात के लिए केंद्र का घमंड जिम्मेदार है।

किसान आंदोलन पर भाकियू-दीप सिद्धू आमने-सामने: भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) नेता राकेश टिकैत ने भी किसान समर्थक दीप सिद्धू की ओर से लाल किले पर झंडा लगाने की घटना पर भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि दीप सिद्धू सिख नहीं हैं, वे भाजपा के कार्यकर्ता हैं। उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोटो है। यह किसानों का आंदोलन है और किसानों का ही रहेगा। कुछ लोगों को यह जगह तुरंत छोड़नी होगी, जिन लोगों ने भी बैरिकेडिंग तोड़ी, वे लोग आंदोलन का हिस्सा नहीं रहेंगे।

दूसरी तरफ दीप सिद्धू ने माना कि लाल किला पर झंडा तो उन्होंने ही फहराया है, पर अपने ऊपर लगे आरोपों को दरकिनार कर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ संगठनों के नेताओं ने तय रूट फॉलो नहीं करने की बात पहले ही कही थी, पर भारतीय किसान यूनियन ने इसे नजरंदाज कर दिया। खालिस्तान समर्थक होने का आरोप, NIA ने नोटिस दिया दीप सिद्धू किसान आंदोलन में लगातार दो महीनों से सक्रिय हैं। कुछ दिन पहले दीप को सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के साथ रिश्तों को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने नोटिस भी जारी किया था।

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