बिहार में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और भीड़ को कंट्रोल करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। बुधवार को बिहार कैबिनेट ने 30 वॉटर कैनन और 86 एंटी-रायट ‘वज्र’ वाहनों की खरीद के लिए कुल 62.52 करोड़ रुपये की मंजूरी दी।

कैबिनेट की बैठक में 30 वाटर कैनन की खरीद को मंजूरी दी गई। प्रत्येक वॉटर कैनन की कीमत 88 लाख रुपये होगी, यानी इन पर कुल 26.40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, 86 नए ‘वज्र’ वाहनों की खरीद पर 36.12 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रत्येक वाहन की कीमत 42 लाख रुपये तय की गई है।

इन वाहनों का इस्तेमाल प्रदर्शनों, आंदोलनों, त्योहारों, मेलों और चुनावी रैलियों के दौरान भीड़ को कंट्रोल करने के लिए किया जाएगा। बिहार में हाल के महीनों में छात्र और अन्य मुद्दों को लेकर कई प्रदर्शन हुए हैं।

VIP दौरे से लेकर दंगों तक में होगा इस्तेमाल

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अधीन आने वाले गृह विभाग के मुताबिक, इन वाहनों का इस्तेमाल केवल भीड़ नियंत्रण तक सीमित नहीं रहेगा। इन्हें VIP और VVIP के दौरे और आवाजाही के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में भी लगाया जाएगा।

इसके अलावा इन वाहनों का इस्तेमाल दंगों, जमीन विवाद, हाईवे पर सड़क हादसों, सांप्रदायिक तनाव और दूसरी आपात स्थितियों से निपटने के लिए भी किया जाएगा।

जिला स्तर पर बनाई गई एंटी-रायट फोर्स

यह फैसला बिहार पुलिस की ओर से डिस्ट्रिक्ट एंटी-रायट फोर्स (DARF) के गठन के कुछ सप्ताह बाद आया है। इन स्पेशल यूनिट्स को डिस्ट्रिक्ट और सब-डिवीजन लेवल पर तैनात किया जाना है। इनका उद्देश्य हिंसक प्रदर्शनों, सांप्रदायिक तनाव, सड़क जाम और सरकारी संपत्ति पर हमले जैसी स्थितियों से निपटना है।

बिहार में हाल के दिनों में NEET से लेकर शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) तक कई मुद्दों पर प्रदर्शन हुए हैं। इसके अलावा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों के बाद इस सप्ताह झड़पें भी हुई हैं।

NEET प्रदर्शन में घायल हुए थे 104 लोग

जुलाई में कथित NEET-UG पेपर लीक को लेकर हुए प्रदर्शनों के दौरान 13 नागरिक और 91 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। घायलों में सीवान के तीन लोग गोली लगने से घायल हुए थे, जिनमें एक 17 वर्षीय नाबालिग भी शामिल था।

कैबिनेट ने 30 प्रस्तावों को दी मंजूरी

बिहार कैबिनेट ने बुधवार की बैठक में कुल 30 एजेंडा पर मंजूरी दी। इनमें बिहार ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी, 2026 का मसौदा भी शामिल है। इसके अलावा कैमूर और रोहतास के 177 बसावटों में 21,644 घरों तक ग्रिड बिजली पहुंचाने के लिए संशोधित 351.85 करोड़ रुपये की लागत को मंजूरी दी गई।

यह काम रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत किया जाएगा। पटना में प्रस्तावित ताज सिटी सेंटर होटल के लिए दूसरे चरण की वित्तीय मंजूरी भी दी गई। इसके साथ ही दो प्रस्तावित विश्वविद्यालयों के लिए 34-34 पद बनाने को भी मंजूरी मिली।

पांच साल में घटे दंगों के मामले

राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार बिहार में पिछले पांच वर्षों में दंगों के मामलों में लगातार कमी आई है। 2020 में राज्य में 9,419 दंगे दर्ज किए गए थे। इसके बाद 2021 में 6,298, 2022 में 4,736, 2023 में 4,181, 2024 में 3,186 और 2025 में 2,502 मामले दर्ज किए गए।

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केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने आरक्षण को लेकर जो हालिया बयान दिया था उसके बाद से उनकी बयानबाजी लगातार NDA सरकार की चिंता बढ़ा रही है। चिराग ने आरक्षण के मुद्दे पर कहा था कि आरक्षण कोई खैरात नहीं बल्कि एक संवैधानिक अधिकार है, जिसे दुनिया की कोई ताकत खत्म नहीं कर सकती। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।