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LAC पर हथियारों से लैस, शूटिंग रेंज में हैं भारत और चीन के सैनिक; फिंगर 4 पर जुटे 2000 PLA जवान, फिंगर 3 पर हमारे जांबाज भी मुस्तैद

चीन ने मंगलवार रात को फिंगर-4 की रिजलाइन (पहाड़ी के निचले हिस्से) पर दो हजार सैनिक तैनात कर दिए, जवाब में भारत ने भी उसका सामना करने के लिए फिंगर-3 पर बराबर संख्या में जवानों की तैनाती की है।

India-China, Border Disputeभारत और चीन के बीच पैंगोंग सो के फिंगर एरिया में स्थिति सबसे ज्यादा तनावपूर्ण है।

भारत और चीन के बीच लद्दाख स्थित एलएसी पर तनाव बढ़ता जा रहा है। पैंगोंग सो पर तो हालात और मुश्किल होते जा रहे हैं। पिछले 48 घंटे में ही चीन ने बड़ी संख्या में अपने सैनिकों को फिंगर-4 के पश्चिम में इकट्ठा किया है। माना जा रहा है कि इसके जरिए चीन भारतीय सेना को मिलने वाले उन सभी फायदों को बेकार करना चाहता है, जो पैंगोंग सो के पास जवानों ने ऊंची पहाड़ियों पर कब्जा कर हासिल किया है।

सूत्रों के मुताबिक, चीन ने मंगलवार रात को फिंगर-4 की रिजलाइन (पहाड़ी के निचले हिस्से) पर दो हजार सैनिक तैनात कर दिए। भारत ने भी उसका सामना करने के लिए फिंगर-3 पर बराबर संख्या में जवानों को तैनात कर रखा है। बता दें कि चीन ने इस साल मई से ही फिंगर-8 से लेकर फिंगर-4 के इलाके पर कब्जा कर रखा है। जहां भारत फिंगर-8 को एलएसी मानता है, वहीं चीन फिंगर-2 तक दावा करता है। इसी के मद्देनजर चीनी सेना ने अब फिंगर-4 से पीछे जाने से इनकार कर दिया है।

बता दें कि एक समय चीन को फिंगर इलाके में चोटियां कब्जाने के बाद ज्यादा ऊंचाई का फायदा था, लेकिन 29-30 अगस्त की रात में भारतीय सेना द्वारा पैंगोंग के दक्षिणी किनारे से लेकर रेजांग ला के करीब रेकिन ला तक ऊंची चोटियों पर कब्जा जमाने के बाद चीन का यह फायदा भी खत्म हो गया। एक दिन पहले ही सरकारी सूत्रों ने बताया था कि पैंगोंग सो में दोनों सेनाएं एक-दूसरे से महज 500 मीटर की दूरी पर हैं।

सूत्रों के मुताबिक, एलएसी के दोनों ही तरफ सेनाओं ने हथियार जुटा रखे हैं। दोनों एक-दूसरे की शूटिंग रेंज में हैं और ऊंची चोटियों से टुकड़ियों की गतिविधियां साफ हैं। रात में मौसम काफी खराब रहता है। ऐसे में सेनाओं को शांत रखना बड़ी चुनौती है। एक सैन्य अधिकारी ने कहा कि पीएलए ने फिंगर-4 में कोई नई टुकड़ी तैनात नहीं की है, बल्कि इस इलाके में पहले से फैली टुकड़ी को जुटा लिया है।

बताया गया है कि चीन की सेना इस वक्त फिंगर-4 की चोटी पर तैनात हो चुकी है, जिसे ग्रीन टॉप कहते हैं। वह फिंगर-3 के पश्चिम में स्थित भारत के धन सिंह थापा पोस्ट की पूरी निगरानी कर सकता है। ग्रीन टॉप के पूर्व में एक किलोमीटर पर एक पिंपल नाम की चोटी है, जिस पर चीन ने कब्जा कर रखा है। इसी स्ट्रेच पर दोनों सेनाओं के बीच स्थिति तनावपूर्ण है। सूत्रों का कहना है कि भारत फिंगर-3 की चोटी पर जाने की कोशिश में है, लेकिन पास में ही मौजूद चीनी सेना की वजह से वह ऐसा नहीं कर पा रहा। भारतीय सेना ने पिछले कुछ दिनों में दो बार फिंगर-3 पर चढ़ने की कोशिश की, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली।

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