ताज़ा खबर
 

CAA, दिल्ली हिंसा के बीच दो देशों ने टेढ़ी की नजरें: इंडोनेशिया ने भारतीय राजदूत को किया तलब, शेख हसीना बोलीं- CAA की जरूरत थी ही नहीं

इंडोनेशियाई विदेश मंत्रालय का बयान देश के धार्मिक मामलों के मंत्रालय द्वारा भारत में 'मुसलमानों के खिलाफ हिंसा' की निंदा करने वाला बयान जारी करने के बाद आया है।

Author Translated By Ikram नई दिल्ली | Updated: March 1, 2020 9:13 AM
द जकार्ता पोस्ट ने शनिवार को बताया कि इंडोनेशिया के विदेश मंत्रालय ने जकार्ता में भारतीय राजदूत प्रदीप रावत को दिल्ली दंगों पर चर्चा करने के लिए बुलाया, जिसमें करीब 42 लोगों की जान चली गई। (Express photo: Praveen Khanna)

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध-समर्थन के चलते दिल्ली में हुए दंगों पर शनिवार (29 फरवरी, 2020) को इंडोनेशिया ने अपनी चिंताओं से भारत को अवगत कराया है। द जकार्ता पोस्ट ने शनिवार को बताया कि इंडोनेशिया के विदेश मंत्रालय ने जकार्ता में भारतीय राजदूत प्रदीप रावत को दिल्ली दंगों पर चर्चा करने के लिए बुलाया, जिसमें करीब 42 लोगों की जान चली गई।

न्यूजपेपर के मुताबिक इंडोनेशियाई विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि इंडोनेशिया सरकार को पूरा विश्वास है कि भारत सरकार स्थिति को सामान्य करने और धार्मिक समुदायों के बीच सामंजस्यपूर्ण संबंध सुनिश्चित करने में सक्षम होगी। इसके अलावा दोनों देश समान विशेषताओं को साझा करते हैं, जैसा कि दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों और सहिष्णुता को बनाए रखते हैं।

इंडोनेशियाई विदेश मंत्रालय का बयान देश के धार्मिक मामलों के मंत्रालय द्वारा भारत में ‘मुसलमानों के खिलाफ हिंसा’ की निंदा करने वाला बयान जारी करने के बाद आया है। इसी तरह रविवार को विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला बांग्लादेश की यात्रा करेंगे। यह उनकी उस देश की पहली उच्च-स्तरीय यात्रा है, क्योंकि CAA-NRC मुद्दे ने मजबूत द्विपक्षीय संबंधों में तनाव पैदा किया है।

हर्षवर्धन जो पहले बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त के रूप में काम कर चुके हैं, बांग्लादेश के नेतृत्व से मिलने के लिए 1-2 मार्च को ढाका की यात्रा पर होंगे। उनका मुख्य कार्य प्रधानमंत्री शेख हसीना के पिता शेख मुजीबुर्रहमान की जन्म शताब्दी समारोह के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बांग्लादेश की संभावित यात्रा के लिए आधारशिला रखने से संबंधित होगा। मुजीबुर्रहमान को बांग्लादेश का राष्ट्रपिता भी कहा जाता है।

दिल्ली हिंसा से जुड़ी सभी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें

कार्यक्रम 17 मार्च को – मुजीबुर्रहमान की 100वीं जयंती पर आयोजित होने की उम्मीद है – और इसमें मोदी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के भाग लेने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि इस साल जनवरी में सीएए लागू करन के बाद बांग्लादेश के कम से कम दो मंत्रियों ने भारत की यात्रा रद्द कर दी थी। तब प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा था कि सीएए और एनआरसी भारत के ‘आंतरिक मामले’ हैं और सीएए की ‘जरुरत नहीं’ थी।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 बिना इजाजत शांति मार्च: कपिल मिश्रा की मौजूदगी में लगे गोली मारो, साफ करो और मोदी के सम्मान में… जैसे नारे
2 Delhi Violence: प्लानिंग के साथ हुई दिल्ली हिंसा: गहने लूटे, फिर लगाई आग; काली दीवारें, पिघली घड़ियां बयां कर रहे दर्दनाक दास्तां
3 रेलवे ने रद्द कर दीं करीब 300 ट्रेन, ये रही पूरी लिस्ट