ताज़ा खबर
 

रिपोर्ट्स: गणतंत्र दिवस समारोह में नहीं आएंगे डोनाल्‍ड ट्रंप

भारत और अमेरिका के संबंधों में खटास का कारण हाल ही में भारत और रुस के बीच हुआ रक्षा समझौता है। जिसमें भारत ने अमेरिकी आपत्ति के बावजूद रुस के साथ S-400 एअर डिफेंस मिसाइल सिस्टम खरीदने का करार किया है।

Author Updated: October 28, 2018 2:24 PM
डोनाल्ड ट्रंप ने भारत का न्यौता किया अस्वीकार। (file pic)

भारत ने आगामी गणतंत्र दिवस परेड में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बतौर अतिथि शामिल होने का न्यौता दिया था। अब विभिन्‍न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने आने से इनकार कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को एक पत्र भेजकर अपने इस फैसले की जानकारी दी है। पत्र में अमेरिका ने दुख जताते हुए कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप अपनी घरेलू जिम्मेदारियों के चलते भारत का यह न्यौता स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। दरअसल डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका में सालाना आयोजित होने वाली स्टेट ऑफ यूनियन की बैठक को संबोधित करना है। अभी तक इस मुद्दे पर भारतीय विदेश मंत्रालय या अमेरिका की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

भारत और अमेरिका के संबंध इन दिनों थोड़े तनावपूर्ण हैं। भारत और अमेरिका के संबंधों में खटास का कारण हाल ही में भारत और रुस के बीच हुआ रक्षा समझौता है। जिसमें भारत ने अमेरिकी आपत्ति के बावजूद रुस के साथ S-400 एअर डिफेंस मिसाइल सिस्टम खरीदने का करार किया है। जिसके चलते भारत पर अमेरिकी कानून काटसा (CAATSA) के तहत प्रतिबंध लगने का भी डर बना हुआ है। खबर के अनुसार, भारत ने बीती 13 जुलाई को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने का आधिकारिक न्यौता भिजवाया था। हालांकि इस पर अमेरिका ने अपने जवाब में कहा था कि वह भारत और अमेरिका के बीच सितंबर में होने वाली 2+2 बैठक के बाद कोई फैसला करेगा। अब जिस तरह से अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत का न्यौता ठुकराया है, उससे दोनों देशों के संबंधों में आए तनाव का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है!

उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने ईरान पर भी आगामी 4 नवंबर से प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इसके तहत अमेरिका ने अन्य देशों को भी ईरान से कच्चे तेल की आपूर्ति रोकने को कहा है। ऐसा ना करने वाले देशों पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है। हालांकि भारत ने अपनी तेल जरुरतों को सर्वोपरि रखते हुए ईरान से तेल के आयात पर पूरी तरह से रोक लगाने पर असमर्थता जतायी थी। इतना ही नहीं भारत की सरकारी तेल कंपनियों ने ईरान के साथ नवंबर तक तेल की आपर्ति के लिए करार भी किए हैं।

ये भी एक कारण है कि अमेरिकी सरकार भारत के इस फैसले से थोड़ी असहज है। हालांकि इस मुद्दे पर स्थिति 4 नवंबर के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। बता दें कि भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपति को भारत दौरे के लिए फरवरी माह में भी तारीखें सुझायीं थीं। लेकिन ट्रंप प्रशासन ने फिलहाल इसमें भी असमर्थता जतायी है। यकीनन ट्रंप द्वारा भारत के न्यौते को अस्वीकार कर दिए जाने के कई रणनीतिक मतलब निकाले जा रहे हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 किसके कहने पर अखिलेश यादव ने छोड़ा सपा के वरिष्‍ठ नेताओं के पैर छूना , सामने आया किस्‍सा
2 कांग्रेस का पीएम मोदी पर हमला- सीबीआई निदेशक को हटाने के लिए रची कुटिल साजिश
3 अमित शाह की धमकी- सबरीमाला पर दमन रोके केरल सरकार, वर्ना चुकानी पड़ेगी भारी कीमत