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अमेरिका ने क्यों स्थगित की भारत के साथ वार्ता, सुषमा और निर्मला सीतारमण का दौरा हुआ रद्द

रवीश कुमार ने अपने ट्वीट में लिखा कि अमेरिकी मंत्री पोम्पिओ ने कुछ देर पहले ही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से बात की और अमेरिका द्वारा कुछ जरुरी कारणों से टू प्लस टू वार्ता स्थगित करने को लेकर खेद और गहरी निराशा व्यक्त की है।

अमेरिका ने भारत के साथ होने वाली टू प्लस टू वार्ता रद्द की। (file photo)

अमेरिका ने भारत के साथ होने वाली अहम टू प्लस टू वार्ता रद्द कर दी है। अमेरिका की तरफ से अभी तक वार्ता रद्द करने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है, लेकिन अमेरिकी प्रशासन ने वार्ता रद्द होने पर दुख जताते हुए भविष्य में जल्द ही दोबारा वार्ता शुरु करने की बात कही है। गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में यह वार्ता काफी अहम मानी जा रही थी। टू प्लस टू वार्ता में भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और अमेरिकी विदेश मंत्री माइकल पोम्पिओ, अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस के बीच वॉशिंगटन में बैठक होनी थी, जल्द ही दोनों भारतीय नेता अमेरिका भी रवाना होने वाली थीं, लेकिन अमेरिका द्वारा अंतिम समय में वार्ता टालने के बाद दोनों नेताओं ने अपना अमेरिकी दौरा टाल दिया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है। रवीश कुमार ने अपने ट्वीट में लिखा कि अमेरिकी मंत्री पोम्पिओ ने कुछ देर पहले ही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से बात की और अमेरिका द्वारा कुछ जरुरी कारणों से टू प्लस टू वार्ता स्थगित करने को लेकर खेद और गहरी निराशा व्यक्त की है। एक अन्य ट्वीट में रवीश कुमार ने लिखा कि अमेरिकी मंत्री पोम्पिओ ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से सहमति मांगी है और वो भारत और अमेरिका में जितनी जल्दी हो सके वार्ता करने के लिए आपसी सुविधा वाली तारीख तलाशने पर राजी हो गए हैं।

पहले भी हो चुकी थी स्थगितः गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में भी यह टू प्लस टू वार्ता को स्थगित किया गया था। दरअसल उस वक्त तक माइकल पोम्पिओ की अमेरिकी विदेश मंत्री पद पर नियुक्ति की पुष्टि नहीं हुई थी, जिस कारण टू प्लस टू वार्ता को तब भी स्थगित कर दिया गया था।

2017 में पीएम मोदी के दौरे पर बनी थी सहमतिः भारत और अमेरिका के बीच टू प्लस टू वार्ता पर सहमति साल 2017 में पीएम मोदी के अमेरिका दौरे के दौरान बनी थी। इस वार्ता का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आपसी समझ और सहयोग को बढ़ाना था। आगामी 6 जुलाई को होने वाली टू प्लस टू वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर से संबंधित मुद्दों पर सहमति बनने की उम्मीद थी।

ईरान से तेल खरीद रोकने को कहाः उल्लेखनीय है कि ईरान के साथ न्यूक्लियर डील खत्म करने के बाद अब अमेरिका ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने जा रहा है। इन्हीं कोशिशों के चलते अमेरिका ने दुनियाभर के देशों से ईरान से तेल आयात नहीं करने की अपील की है। बता दें कि भारत और चीन ईरान के तेल के बड़े खरीददार हैं। ऐसे में अमेरिका ने भारत से भी ईरान से तेल का आयात नहीं करने को कहा है। हालांकि अभी तक भारत ने इस मुद्दे पर कोई जवाब नहीं दिया है।

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