ताज़ा खबर
 

हरियाणाः दुष्यंत चौटाला समेत दंगल गर्ल का तीखा विरोध, मंत्री को लौटना पड़ा बैरंग

किसानों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जाने पर शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने बैठक में नहीं जाने का फैसला किया। पुलिस ने सुबह बैठक स्थल तक जाने वाली सभी सड़कों पर अवरोधक लगाए थे और बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों की तैनाती की थी।

अंबाला में हाइवे पर किसानों का हल्लाबोल, मंत्री को लौटना पड़ा बैरंग ( फाइल फोटो)

हरियाणा में किसानों ने जमकर हंगामा बरपाया। सिरसा में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को तो चरखी दादरी में दंगल गर्ल को तीखे विरोध से दो-चार होना पड़ा। सैकड़ों की तादाद में पहुंचे किसानों ने दोनों की नाक में दम कर दिया। उधऱ, कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने यहां सोमवार को एक राजमार्ग अवरुद्ध किया, जिससे हरियाणा के एक मंत्री शहर में पहले से तय एक बैठक में नहीं जा सके। उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ा।

सूत्रों ने बताया कि किसानों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जाने पर शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने बैठक में नहीं जाने का फैसला किया। अधिकारियों ने कहा कि बैठक पूर्वाह्न 11 बजे होने वाली थी और पंचायत भवन पर जिले के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। पुलिस ने सुबह बैठक स्थल तक जाने वाली सभी सड़कों पर अवरोधक लगाए थे और बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों की तैनाती की थी। राजमार्ग बाधित करने पर कुछ यात्रियों को असुविधा हुई लेकिन किसानों ने एम्बुलेंस जैसे वाहनों को जाने दिया।

पुलिस ने कहा कि बैठक स्थल के पास अग्रसेन चौक पर भी किसान एकत्रित थे और उन्होंने वहां पहुंचने के लिए अवरोधक भी तोड़ दिए थे। पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने में मुश्किल का सामना करना पड़ा। बीकेयू के अंबाला अध्यक्ष मलकीत सिंह ने कहा कि वह भाजपा-जजपा के सार्वजनिक कार्यक्रमों का विरोध तब तक करते रहेंगे, जब तक काले कानून वापस नहीं लिए जाते।

उधर, अधिकारियों ने बताया कि शिक्षा मंत्री कंवर पाल को अंबाला-हिसार राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित एक पंचायत भवन में बैठक के लिए जाना था, लेकिन किसानों ने कुछ घंटे तक राजमार्ग पर यातायात रोक दिया। गौरतलब है कि सीएम मनोहर लाल के प्रोग्राम का विरोध करने पर किसानों पर लाठी चार्ज किया गया था। उसके बाद से किसानों के तेवर उग्र हैं। इसकी बानगी आज दिखी।

हालांकि, मंत्री के कार्यक्रम के मद्देनजर पुलिस ने किसानों को समझाने की भरसत कोशिश की, लेकिन वो टस से मस होने को तैयार नहीं हुए। उन्होंने साफ कहा कि वो पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनके तेवरों को देख मंत्री ने फैसला लिया कि वो तय कार्यक्रम में नहीं जाएंगे। इस दौरान किसानों ने सरकार विरोधी नारेजाबी की और कहा कि बीजेपी सरकार तीनों काले कानून वापस ले।

गौरतलब है कि 26 जनवरी की घटना के बाद आंदोलन का केंद्र पंजाब से हरियाणा में तब्दील हो चुका है। सीएम खट्टर समेत बीजेपी के तमाम नेताओं को किसानों के गुस्से से दो-चार होन पड़ रहा है। हिसार में तो किसानों ने इस कदर बवाल काटा कि पुलिस को आंसू गैस तक छोड़नी पड़ी। किसान तब सीएम खट्टर का तीखा विरोध करने हांसी से हिसार की तरफ कूच कर रहे थे।

Next Stories
1 कोरोनाः मृतकों को दी जानी वाली अनुग्रह राशि पर केंद्र ने जताई लाचारी तो SC ने ली चुटकी, जानिए पूरा मामला
2 कोलकाता HC से ममता को झटका, उधर, IIT-JEE,CLAT को आधार बना 12वीं की परीक्षा रद्द करने के खिलाफ SC में याचिका
3 योगी के खिलाफ अब स्वामी प्रसाद मौर्यः बोले- चुनाव बाद केंद्र तय करेगा सूबे का सीएम
ये पढ़ा क्या?
X