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सीएम अमरिंदर ने किया था मना! फिर भी पाकिस्तान गए नवजोत सिंह सिद्धू

पाकिस्तान यात्रा करने के उनके निर्णय की आलोचना संबंधी सवाल पर सिद्धू ने कहा कि जो मेरी आलोचना करते हैं मैं उन लोगों को माफ करता हूं।

Author November 28, 2018 10:11 AM
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सिद्धू के साथ टकराव की बात खारिज की. (Photo: ANI)

करतारपुर साहिब गलियारे की आधारशिला रखे जाने के कार्यक्रम के लिए कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के पाकिस्तान जाने के फैसले की आलोचनाओं के बीच मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह मंगलवार (27 नवंबर) को कहा कि उन्होंने अपने सहयोगी से इस पर पुन:विचार करने को कहा था। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्होंने अनुमति के लिए सिद्धू का अनुरोध इसलिए स्वीकार कर लिया क्योंकि वह किसी को ‘निजी यात्रा’ करने से मना नहीं कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिद्धू मध्यप्रदेश में चुनाव प्रचार कर रहे थे, उसी दौरान उनसे फैसले पर पुन:विचार करने का अनुरोध किया। अमरिन्दर ने कहा, ‘‘सिद्धू ने मुझे बताया कि वह पहले ही जाने का वादा कर चुके हैं। जब मैंने उन्हें इस मुद्दे पर अपने रूख से अवगत कराया तो उन्होंने कहा कि यह व्यक्तिगत यात्रा है, लेकिन वह मुझसे बात करेंगे। लेकिन अभी तक मेरी उनसे कोई बातचीत नहीं हुई है।’’ हालांकि, सिद्धू करतारपुर गलियारे की आधारशिला कार्यक्रम में शामिल होने पाकिस्तान चले गए।

पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि करतारपुर गलिायरा भारत और पाकिस्तान के बीच शांति को बढ़ावा देगा तथा ‘‘शत्रुता’’ मिटाएगा और इससे क्रिकेट रिश्तों की बहाली समेत दोनों देशों के बीच अनंत सभावनाओं का निर्माण होगा। सिद्धू भारतीय पत्रकारों के एक समूह के साथ पाकिस्तान पहुंचे ताकि वह लाहौर से करीब 120 किलोमीटर दूर नारोवाल में करतारपुर गलियारे की आधारशिला रखने के कार्यक्रम में शामिल हो सकें। वाघा सीमा पर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

पाकिस्तान यात्रा करने के उनके निर्णय की आलोचना संबंधी सवाल पर सिद्धू ने कहा, ‘‘जो मेरी आलोचना करते हैं मैं उन लोगों को माफ करता हूं। मैं बचपन से ही इमरान खान का प्रशंसक रहा हूं।’’ चार किलोमीटर लंबा यह गलियारा भारत के गुरदासपुर जिला स्थित डेरा बाबा नानक को पाकिस्तान में नारोवाल में गुरुद्वारा करतारपुर साहिब से जोड़ेगा। यह गलियारा भारतीय सिख तीर्थयात्रियों को गुरुद्वारे तक वीजा मुक्त पहुंच मुहैया कराएगा। प्रधानमंत्री इमरान खान बुधवार (28 नवंबर) को गलियारे की आधारशिला रखेंगे।

सिद्धू ने इस गलियारे को संभव बनाने के लिए खान को धन्यवाद दिया और कहा कि इससे दोनों देशों के बीच शांति को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘इससे दोनों देशों के बीच शत्रुता मिटेगी। इमरान खान ने तीन महीने पहले जो बीज बोये थे वह अब एक पेड़ बन गया है। सिख समुदाय के लिए यह खुशी का पल है कि बाबा गुरु नानक का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए बिना किसी परेशानी के करतारपुर पहुंचने के लिए एक गलियारा मिल जाएगा। गलियारा खुलने से 71 वर्षों का इंतजार समाप्त हो गया है। करतारपुर गलियारा शांति का पथ साबित होगा।’’ उन्होंने इसे ‘‘अनंत संभावनाओं वाला गलियारा’’ करार दिया और कहा कि ऐसी पहलों से (दोनों देशों के बीच) शांति को बढ़ावा मिलेगा।

करतारपुर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित नारोवाल जिले के शकरगढ़ में स्थित है। ऐसा कहा जाता है कि सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव ने वहां अपने जीवन के 18 वर्ष से अधिक समय बिताया था। करतारपुर साहिब गुरुद्वारा रावी नदी के किनारे स्थित है। सोमवार को उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने गुरदासपुर में गलियारे की आधारशिला रखी थी।

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