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अमर सिंह की गुगली, उद्योगपतियों से मिलना पाप है तो चिदंबरम और कमलनाथ भी ‘पापी’ हैं

अमर सिंह ने साफ कहा कि ऐसा कौन है जिसने पाप न किया हो, जो पापी न हो। अगर उद्योगपतियों के साथ दिखना पाप है तो फिर चिदंबरम और कमलनाथ क्या हैं? अमर सिंह ने उन सारी बातों और संदर्भों को भी साफ कर दिया, जिनकी तरफ पीएम मोदी ने सिर्फ इशारा किया था।

अमर सिंह (फोटो सोर्स- पीटीआई)

कभी उत्तर प्रदेश में सत्ता की धुरी माने जाने वाले अमर सिंह फिर से पूरी रौ में आ गए हैं। समाचार चैनल टाइम्स नाउ को दिए अपने इंटरव्यू में अमर सिंह ने साफ कहा कि ऐसा कौन है जिसने पाप न किया हो, जो पापी न हो। अगर उद्योगपतियों के साथ दिखना पाप है तो फिर चिदंबरम और कमलनाथ क्या हैं? अमर सिंह ने अपने इंटरव्यू में उन सारी बातों और संदर्भों को भी साफ कर दिया, जिनकी तरफ पीएम मोदी ने सिर्फ इशारा भर किया था।

दरअसल यूपी में लगने वाली 60 हजार करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास लखनऊ में पीएम मोदी ने किया था। बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा था कि कुछ लोग हैं जो उद्योगपतियों के घर जाकर तो उनके चरणों में जाकर दंडवत करते हैं। लेकिन सार्वजनिक जीवन में उनके साथ दिखना नहीं चाहते हैं। लेकिन मैं उद्योगपतियों के साथ खड़ा दिखने से नहीं डरता क्योंकि हमारी नीयत साफ है।” इसके बाद पीएम ने अपने भाषण में भगवा कुर्ता पहनकर बैठे अमर सिंह का जिक्र भी किया था। उन्होंने कहा था कि अमर सिंह यहां बैठे हैं। सबकी हिस्ट्री निकाल देंगे।”

समाचार चैनल टाइम्स नाउ को दिए अपने इंटरव्यू में अमर सिंह से जब कहा गया कि कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाती है कि उन्होंने गौतम अडानी को गोद ले लिया है। जबकि आप कह रहे हैं कि अडानी के कांग्रेस में भी लिंक हैं। इस पर अमर सिंह ने जवाब दिया कि कमलनाथ खुद ईएमसी नाम की कंपनी चलाते हैं। बड़े उद्योगपति हैं। कमलनाथ हमारे मित्र हैं, उनके तमाम उद्यमियों से खुले संबंध हैं। मैं कमलनाथ जी को चोर नहीं कहता, हमारे दोस्त हैं। वहीं वेदांता के अनिल अग्रवाल की कंपनी में पी. चिदंबरम निदेशक हुआ करते थे। ऐसा कौन है, जिसने पाप न किया हो, जो पापी न हो। अगर उद्योगपतियों के साथ खड़े होना पाप है तो ये भी पापी हैं।”

अमर सिंह यहीं नहीं रुके। उन्होंने साफ कहा,” संजय गांधी के घनिष्ठ मित्र एबीए गनी चौधरी को कमलनाथ ही राजनीति में लेकर आए थे और आगे बढ़ाया था। बाद में उन्हें ऊर्जा मंत्री भी बनाया गया। उनका पावर सेक्टर का काम था। मैं कोई आरोप नहीं लगा रहा हूं। वह भी कलकत्ते में रहते थे, जैसे मैं रहा करता था। छोटा-मोटा उद्योग तो हमारा भी है। क्या हम भी चोर हैं?”

वहीं गांधी जी के घनश्याम दास बिड़ला के घर में रहने वाले उदाहरण पर उन्होंने कहा,” जब पीएम भाषण दे रहे थे, उस वक्त उन्हीं के वंश के पौत्र कुमार मंगलम बिड़ला वहां बैठे हुए थे। उन्होंने इसे बिल्कुल सही तरह से लिया। उन्होंने अपने भाषण में कहा भी कि हमारे घर में रहकर भी गांधी जी पवित्र बने रहे क्योंकि उनका मन साफ था।” बता दें अमर सिंह के भाजपा में शामिल होने की अटकलें लंबे वक्त से चल रही हैं। खुद अमर सिंह कई बार कह चुके हैं कि मुझे भाजपा में शामिल होने में कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन न उन्होंने मुझसे शामिल होने के लिए कहा। न ही मैंने कभी इस बारे में इच्छा जाहिर की है।

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