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Amar Jawan Jyoti: नेशनल वॉर मेमोरियल में विलीन की गई ज्‍योति, रक्षा विशेषज्ञ और विपक्ष भड़का, जानें किसने क्‍या कहा

Amar Jawan Jyoti: अमर जवान ज्योति को नेशनल वॉर मेमोरियल में मर्ज कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले की जमकर आलोचना हो रही है।

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अमर जवान ज्योति, नेशनल वार मेमोरियल में हुआ मर्ज (एक्सप्रेस फोटो)

इंडिया गेट पर लगे अमर जवान ज्योति अब नेशनल वॉर मेमोरियल मेंं विलीन कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले पर रक्षा विशेषज्ञ से लेकर विपक्ष तक भड़का हुआ है। सरकार के इस कदम को विपक्ष शहीदों का अपमान बता रहा है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार के इस आदेश की निंदा करते हुए कहा है कि कुछ लोग देशभक्ति को नहीं समझ सकते हैं। वहीं सरकार का कहना है कि विपक्ष का ये आरोप गलत है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा- “बहुत दुख की बात है कि हमारे वीर जवानों के लिए जो अमर ज्योति जलती थी, उसे आज बुझा दिया जाएगा। कुछ लोग देशप्रेम व बलिदान नहीं समझ सकते- कोई बात नहीं… हम अपने सैनिकों के लिए अमर जवान ज्योति एक बार फिर जलाएंगे!”

वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि इस सरकार में लोकतांत्रिक परंपरा और स्थापित परंपरा का कोई सम्मान नहीं है, चाहे वह संसद में हो या बाहर। वहीं एआईएमआईएम के चीफ ओवैसी ने इसके लिए सीधे पीएम मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मोदी ने फिर से हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया। यह उनके संघर्ष के कारण था कि जीवन के अधिकार, स्वतंत्रता, समानता, धर्म की स्वतंत्रता, अस्पृश्यता से स्वतंत्रता आदि की गारंटी दी गई थी। मोदी सोचते हैं कि यह संघर्ष “समय की बर्बादी” था। शर्मनाक। कर्तव्यों के बिना अधिकार गुलामी है।”

वहीं इस फैसले को लेकर रक्षा विशेषज्ञों में भी गहरी नाराजगी है। रक्षा विशेषज्ञ ज. (रि.) विशंभर दयाल ने भी इस फैसले के लिए सरकार की आलोचना की है। जनरल दयाल ने टाइम्स नाउ नवभारत से बात करते हुए कहा कि अगर ऐसा है तो सरकार सभी समाधियों को भी एक जगह कर दे। उन्होंने कहा- “देखिए ये ना तो पॉलिटिकल मूव है, ना इससे इतिहास का कुछ बदलना है, यह एक आस्था का विश्वास है… कहां ज्योति जलाते हैं आप, आत्माएं हैं, मतलब आप मानते हैं वहां शांति है, वहां वो आत्माएं रेस्ट कर रही हैं, आप उनको डिस्टर्ब कर रहे हो। वॉर मेमोरियल को और अमर जवान ज्योति को कंफ्यूज मत करें। आपने एक आस्था दिखाई उन आत्माओं के प्रति, जो आत्माएं उस 1971 वॉर में शहीद हुईं। मैं कहता हूं कि इतने मकबरे हैं, सबको एक जगह इकट्ठे कर दो। भारत के इतने पॉलिटिशियन जो इनके जगह-जगह पर बना रखे हैं, उसको एक जगह लगा दीजिए उठाके। साहब इस किस्म के कार्य नहीं किए जाते”।

वहीं सरकार को कहना है कि अमर ज्योति को बुझाया नहीं गया है, बल्कि उसे नेशनल वॉर मेमोरियल के साथ मर्ज कर दिया गया है। बता दें कि 26 जनवरी, 1971 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अमर ज्योति का उद्घाटन किया था, अमर जवान ज्योति का निर्माण 1971 के भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों के स्मारक के रूप में किया गया था। इस युद्ध के अंत में भारत की जीत से बांग्लादेश का निर्माण हुआ था।

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