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सीमा विवादः जनरल पनाग के लेख में दावा- चीन का पलड़ा भारी, तीन हिस्सों में घुस आए हैं सैनिक; शेयर कर बोले राहुल गांधी- सभी राष्ट्रवादी जरूर पढ़ें

भारतीय सेना में 40 साल तक अपनी सेवाएं दे चुके लेफ्टिनेंट जनरल, सी नॉदर्न कमांड और सेंट्रल कमांड में जीओसी रह चुके हैं। रिटायरमेंट के बाद वह Armed Forces Tribunal के सदस्य रहे हैं।

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग का मास्क पहने चेन्नई में उनके आगमन से पहले एक स्कूल की छात्रा। (फाइल फोटोः एपी)

चीन के साथ सीमा पर तनातनी के बीच पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल पनाग का लेख आया है। उन्होंने इस आलेख में दावा किया है कि मौजूदा समय में ‘ड्रैगन’ का पलड़ा भारी है और तीन अलग-अलग हिस्सों में चीन के सैनिक अपने देश में कुछ हद तक घुस आए हैं। शुक्रवार को पूर्व कांग्रेस चीफ राहुल गांधी ने पूर्व जनरल के इसी आर्टिकल को सोशल मीडिया पर शेयर किया और साथ में कहा कि इसे सभी राष्ट्रवादियों को जरूर पढ़ना चाहिए।

दरअसल, 40 साल तक भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके लेफ्टिनेंट जनरल एचएस पनाग (रिटायर्ड) ने हाल ही में चीन को लेकर India’s Fingers have come under Chinese boots. Denial won’t help us (भारत की अंगुलियां चीन के पैरों तले आ गई हैं। इस बात पर इन्कार हमारी मदद नहीं करेगा।) शीर्षक से एक लेख लिखा, जो गुरुवार को ऑनलाइन साइट ‘The Print’ में प्रकाशित हुआ है। लेफ्टिनेंट जनरल, सी नॉदर्न कमांड और सेंट्रल कमांड में जीओसी रह चुके हैं। रिटायरमेंट के बाद वह Armed Forces Tribunal के सदस्य रहे हैं।

उनके लेख के मुताबिक, “भारत के तीन अलग-अलग इलाकों/क्षेत्रों में चीन के सैनिक करीब 40-60 स्क्वायर किलोमीटर तक अंदर आ चुके हैं। ऐसी मजबूत स्थिति में चीन मोल तोल करेगा और कोशिश करेगा कि वह ऐसी शर्तें रखें, जो कि भारत के लिए स्वीकारना मुश्किल बेहद मुश्किल हो। अगर कूटनीति विफल साबित हुई, उस परिस्थिति के लिए चीन ने खुद को सीमित जंग या सरहद पर झड़प के लिए तैयार कर रखा है।”

बकौल जनरल, “कुछ पत्रकार और कार्यकर्ता यह भी कह रहे हैं कि चीन द्वारा किसी भी क्षेत्र में घुसपैठ नहीं हुआ है। यह चीज कूटनीतिक रजामंदी का माहौल बनाने के लिए की जा रही है। और चीन आखिर चाहता भी क्या है? पर हम उसके साथ खेल रहे हैं। मैंने जमीनी हकीकत के बारे में विस्तार से बताया है कि वहां तीन अलग-अलग इलाकों में हमारे क्षेत्र का नुकसान हो चुका है।”

Pangong Sector को लेकर जनरल ने दावा किया कि कुछ पत्रकार कह रहे हैं कि इस क्षेत्र में कोई नुकसान (क्षेत्र गंवाने के लिए लिहाज से) नहीं हुआ, पर ‘गूगल अर्थ’ के सैटेलाइट इमेज न सिर्फ इस बारे में सही लोकेशन का ब्यौरा देते हैं, बल्कि बताते हैं हम कुछ जगह गंवा चुके हैं।

इसी साल अप्रैल के अंत और मई की शुरुआत में पीएलए (चीन की सेना) फिंगर 4 और फिंगर 8 के बीच लगातार टुकड़ियां बढ़ाती रही और जगह बनाती रही। अब वह फिंगर 4 के शीर्ष पर है। मेरे आकलन के आधार पर पीएलए ने पूरा इलाका (फिंगर 8 से लेकर 4 तक, जो कि आठ किमी का है) कब्जा लिया है। वह अब हमारी आईटीबी चौकी पर नजर गड़ाए हैं, जो कि फिंगर 4 और 3 के बीच पड़ती है।

जनरल पनाग के मुताबिक, Galwan Sector में भी पीएलए ने कुछ जगह ‘कब्जा’ ली है। ये इलाका गलवन नदी के उत्तर और दक्षिण के आसपास है। माना जा रहा है कि चीनी सैनिक एलएसी से दो-तीन किलोमीटर आगे घाटी में आ चुके हैं और वह ऊंचे हिस्सों पर तैनात हैं।

वहीं, Hot Springs/Gogra का जिक्र करते हुए उन्होंने लेख में आगे बताया है कि चीनी सेना ने एक बटालियन के साथ पोस्ट को घेर लिया है और प्रभावी रूप से कोंग्का ला पास तक जाने वाली सड़क के बीच में डेरा डाल रखा है। माना जा रहा है कि उनका मकसद यहां टिक कर भारत की ओर से Kongka La pass पर सड़क निर्माण का काम रोकना है।

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