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वर्तमान और भविष्य: फिल्म वालों की सारी उम्मीदें अब अगले साल से जुड़ीं, 2020 में बेहाल बॉलीवुड 2021 में होगा मालामाल!

सात महीने लंबी पूर्णबंदी के बाद जब केंद्र सरकार ने 15 अक्तूबर से सिनेमाघरों को कुछ प्रतिबंधों के साथ खोलने की घोषणा की, तो फिल्मजगत ने राहत की सांस ली थी कि अब धीरे-धीरे सब कुछ ठीक हो जाएगा। उम्मीद की जा रही थी कि इस साल दीपावली पर सिनेमाघर गुलजार होंगे। मगर महाराष्ट्र में सिनेमाघरों को खोलने की अनुमति दीपावली से ठीक पहले, पांच नवंबर को मिली। फिल्मकारों के पास इतना वक्त ही नहीं बचा कि वे दीपावली पर फिल्म रिलीज की योजना बना सकें।

कोरोना के बाद लगी पूर्णबंदी के चलते कई फिल्में जो 2020 में रिलीज होनेवाली थीं, सिनेमाघर बंद होने के कारण रिलीज नहीं हो पाईं। अब उनसे उम्मीद जगी है।

आरती सक्सेना

महाराष्ट्र फिल्म कारोबार का बड़ा केंद्र माना जाता है। 15 अक्तूबर से सिनेमाघर कई राज्यों में खुले, मगर महाराष्ट्र में अनुमति नहीं मिली थी। राज्य सरकार और सिनेमाघर मालिकों की बैठक का सकारात्मक नतीजा चार नवंबर को तब निकला जब महाराष्ट्र में पांच नवंबर से सिनेमाघरों को खोलने की घोषणा की गर्ई। मगर 20 दिनों की यह देरी फिल्मजगत के नुकसान का कारण बनी। अगर 15 अक्तूबर से महाराष्ट्र के सिनेमाघरों को भी खोलने की घोषणा की गई होती तो संभावना थी कि दीपावली पर निर्माता अपनी फिल्मों को रिलीज करने की रणनीति बनाते। 20 दिनों की इस देर के कारण निर्माताओं ने अपनी उम्मीदें पर 2021 से जोड़ ली हैं। ज्यादातर बड़े निर्माता अब अपनी फिल्मों को 2021 में ही रिलीज करने की तैयारी कर रहे हैं।

थियेटर बनाम ओटीटी
करोड़ों की लागत से बनने वाली बिग बजट फिल्मों को जब ओटीटी (ओवर द टॉप) प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने की बात शुरू हुई तो लगभग सभी नामी एक्टरों ने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अपनी फिल्में रिलीज करने से इनकार कर दिया। इनमें ईद पर रिलीज होने वाली सलमान खान की फिल्म ‘राधे’, अजय देवगन की फिल्म ‘मैदान’, आमिर खान की फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ , विकी कौशल की फिल्म ‘सरदार उधम सिंह’, अक्षय कुमार की फिल्म ‘वेलबॉटम’, रणवीर कपूर की फिल्म ‘ब्रम्हास्त्र’, रणवीर सिंह की फिल्म ‘83’ आदि के निर्माता उलझन में थे। ये सभी निर्माता हालात सुधरने का इंतजार करने के लिए तैयार थे। इन निर्माताओं को लग रहा था कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म रिलीज करना घाटे का सौदा होगा।

घाटे का सौदा
ओटीटी प्लेटफॉर्म नया विकल्प जरूर है, मगर वह सिनेमाघरों की बराबरी नहीं कर सकता। इस प्लेटफॉर्म पर दर्शकों को घर बैठे नई फिल्में जरूर देखने को मिल जाती हैं, मगर निर्माताओं को इस माध्यम से धंधा करने में ज्यादा फायदा नहीं है। चाहे विद्या बालन की ‘शकुंतला देवी’ हो, जान्हवी कपूर की ‘गुंजन सक्सेना’ हो या अमिताभ बच्चन की ‘गुलाबो सिताबो’, इन फिल्मों के निर्माताओं को ओटीटी प्लेटफॉर्म से कोई बड़ा फायदा नहीं हुआ। यही वजह है कि बाकी निर्माता ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अपनी फिल्में रिलीज करने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। कोरोना महामारी के बाद लगी पूर्णबंदी ने फिल्मकारों का 2020 में काफी नुकसान किया है इसलिए निर्माता अब 2021 में ही अपनी फिल्में रिलीज करने की योजना बना रहे हैं।

उम्मीदें 2021 से
कोरोना के बाद लगी पूर्णबंदी के चलते कई फिल्में जो 2020 में रिलीज होनेवाली थीं, सिनेमाघर बंद होने के कारण रिलीज नहीं हो पाईं। इसके अलावा जो फिल्में 2021 में रिलीज होने वाली थीं, उन्हें भी अगले साल रिलीज होना है। इस तरह से अगले साल रिलीज होनेवाली फिल्मों की संख्या बढ़ गई है। 2021 फिल्मजगत के लिए बहुत महत्वपूर्ण साल बन गया है 2021 में कई फिल्में रिलीज होने वाली है। मसलन अक्षय कुमार की ‘सूर्यवंशी’, ‘रक्षाबंधन’ और ‘बेलबॉटम’, अजय देवगन की ‘मैदान’, ‘कभी ईद कभी दीवाली’, सलमान खान की ‘राधे’, आमिर खान की ‘लाल सिंह चडढा’, जाह्नवी कपूर की ‘तख्त’, आदित्य राय कपूर की ‘एक विलेन 2’, वरुण धवन की मिस्टर ‘लेले’ आदि प्रमुख हैं।

सिनेमाघर भी तैयार
माना जा रहा है कि 2021 का साल फिल्मजगत को मालामाल कर सकता है। क्योंकि उसके खजाने में कई बड़ी फिल्में रिलीज के लिए तैयार हैं। सिनेमाघरों के मालिक भी शिद्दत से बड़ी फिल्मों का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने 2020 में काफी नुकसान झेला है। अब परीक्षा सिनेमाघरों की है। उन्हें सरकार के घोषित नियम-कानूनों के तहत फिल्मों का प्रदर्शन करना है। हर शो के बाद सिनेमाघरों को कीटाणुमुक्त करना, बिना मास्क दर्शकों को प्रवेश नहीं देना, सैनेटाइजर, सामाजिक दूरी के नियम आदि का पालन उन्हें करना है।

2020 में फिल्म वालों का हाल बेहाल था। उम्मीद है कि 2021 फिल्मवालों को मालामाल करेगा। फिल्म वालों को तो अब उम्मीद की किरण 2021 में ही दिखाई पड़ रही है। और कहा गया है कि उम्मीद पर आसमान टिका होता है।

दर्शकों की चाह
पूरे साल प्रतिबंधों से चलते सिनेमाघरों की रौनक चली गई थी। भारत में फिल्म और क्रिकेट शौकीनों की बड़ी तादाद है। 2020 में लगभग पूरे साल फिल्म प्रेमी सिनेमाघरों से दूर रहे हैं। सिनेमाघर अब प्रतिबंधों से साथ खुल गए हैं। धीरे धीरे ये प्रतिबंध भी शिथिल होंगे और दर्शक सिनेमाघरों में लौटेंगे।

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