न्यू नोएडा परियोजना के तहत 18 अक्तूबर 2024 के बाद किए गए किसी भी निर्माण को अवैध माना जाएगा। ऐसे निर्माणों के सत्यापन के लिए सैटेलाइट चित्रों को आधार बनाया जाएगा और अवैध निर्माण पर किसी प्रकार का मुआवजा नहीं दिया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण ने पहले चरण के लिए चिन्हित 37 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी है।

प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में कुल 37 गांवों की भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इनमें गौतमबुद्ध नगर के 13 और बुलंदशहर के 24 गांव शामिल हैं। किसानों की सहमति के आधार पर 4,300 रुपए प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा तय किया गया है। परियोजना की समयसीमा को देखते हुए अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए तीन तहसीलदारों की तैनाती की जा रही है। साथ ही, पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के निकट न्यू नोएडा का अस्थायी कार्यालय भी स्थापित करने की तैयारी चल रही है।

सूत्रों के अनुसार, अवैध निर्माणों की पहचान के लिए सैटेलाइट मानचित्र और निर्माण संबंधी तस्वीरों का विश्लेषण किया जाएगा। इसके आधार पर ही जमीनी स्तर पर सत्यापन कर भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई प्रभावी रूप से आगे बढ़ाई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि कटआफ तिथि के बाद किए गए निर्माणों को मुआवजे के दायरे में शामिल नहीं किया जाएगा।

गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर हवाई अड्डे से जुड़ेगा नया शहर

करीब 210 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में विकसित होने वाले न्यू नोएडा में गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के कुल 80 गांव शामिल होंगे। नए शहर को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना पर भी काम चल रहा है। प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे के माध्यम से बुलंदशहर के रास्ते न्यू नोएडा को 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (जेवर) से भी न्यू नोएडा की सीधी कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी, जिससे औद्योगिक, आवासीय और व्यावसायिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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