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अलीगढ़ के पुलिस इंस्‍पेक्‍टर जावेद खान ने गाय और बछड़े को लिया गोद, थाने में रखते हैं ध्‍यान

इंस्पेक्टर जावेद खान उनके चारे-पानी से लेकर रख-रखाव की सभी जरूरतों का ख्याल रखते हैं। गौरतलब है कि आवारा पशुओं द्वारा किसानों की फसल बर्बादी को रोकने के लिए अलीगढ़ के एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों से गाय और बछड़ों की देखभाल की गुजारिश की थी।

अलीगढ़ में जावेद खान ने बेसहारा गाय और बछड़े को लिया गोद. थाने में रख कर करते हैं देखभाल. ( फोटो सोर्स: एक्सप्रेस आर्काइव)

यूपी में गाय को लेकर जहां धार्मिक उन्माद और बवाल हमेशा चर्चा का विषय रहा है वहीं अलीगढ़ में जावेद खान नाम के इंस्पेक्टर ने बेसहारा गाय और बछड़े को गोद लेकर एक मिसाल पेश की है। अलीगढ़ समेत यूपी के तमाम जिलों में बेसहारा पशुओं और किसानों के बीच टकराव की खबरें भी अक्सर सुर्खियों में रही हैं। फसल बर्बादी से परेशान किसान सरकारी स्कूलों में बेसहारा गाय और बैलों को बिना चारा-पानी के बंद कर दे रहे हैं। जिसकी वजह से कई पशुओं की मौतें भी हुई हैं। लेकिन, परिस्थिति से निपटने के लिए अलीगढ़ के एसएसपी अजय कुमार सैनी की अपील पर इंस्पेक्टर जावेद खान ने गाय और बछड़े को गोद लिया।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस इंस्पेक्टर ने बेसहारा गाय और बछडे को बन्ना देवी पुलिस थाने में रखा है और वहीं पर उसकी देखभाल कर रहे हैं। इंस्पेक्टर जावेद खान उनके चारे-पानी से लेकर रख-रखाव की सभी जरूरतों का ख्याल रखते हैं। गौरतलब है कि आवारा पशुओं द्वारा किसानों की फसल बर्बादी को रोकने के लिए अलीगढ़ के एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों से गाय और बछड़ों की देखभाल की गुजारिश की थी। जावेद खान का कहना है कि पुलिस द्वारा बेसहारा गायों का पालन उन लोगों के लिए कड़ा संदेश है जिन्होंने अपनी बूढ़ी गायों और दूसरे पशुओं को सड़क पर भटकने के लिए छोड़ दिया है। इंस्पेक्टर जावेद का कहना है कि जिस तरह से वह अपने खाने-पीने का इंतजाम करते हैं, उसी तरह गाय का भी हो जाता है।

गाजीपुर जिला के रहने वाले इंस्पेक्टर जावेद खान (47) साइकॉलजी विषय से पोस्ट ग्रेजुएट हैं। उनका कहना है कि उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है कि बाकी लोग क्या करते हैं या सोचते हैं। वह अंधेरे को कोसने से ज्यादा एक दीपक जलाने में यकीन रखते हैं। गौरतलब है कि गायों को लेकर एक तरफ जहां धार्मिक उन्माद समाज में हावी है, वहीं किसानों को भी अपनी फसलों को लेकर चिंता है। क्योंकि, किसान बड़े पैमाने पर आवारा पशुओं द्वारा फसल तबाह होने की शिकायत कर चुके हैं।

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