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टीवी डिबेट में भड़के कांग्रेस प्रवक्‍ता ने पैनलिस्‍ट्स को कहा ‘आतंकवादी’, देखें वीडियो

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर विवाद हो गया था। इसको लेकर एक टीवी चैनल पर डिबेट चल रहा था। इसमें आरएसएस पर नजर रखने वाले राकेश कुमार और भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा के अलावा अन्य लोग पैनल में शामिल थे। बहस के दौरान आपा खोए कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने पैनलिस्टों को आतंकवादी बता दिया।

कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह और बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर उठा विवाद थमने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। अब इस विवाद में कांग्रेस भी कूद गई है। टीवी डिबेट में कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने बहस में शामिल पैनलिस्टों को ‘आतंकवादी’ तक कह डाला। इसमें अखिलेश प्रताप के अलावा बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा, आरएसएस पर पैनी नजर रखने वाले राकेश कुमार, एएमयू छात्र संघ के पूर्व सचिव नबील उस्मानी, वक्फ बोर्ड के वसीम रिजवी और इस्लामिक मामलों के जानकार फहीम बेग हिस्सा ले रहे थे। एएमयू में जिन्ना की तस्वीर लगाने को लेकर बहस हो रही थी। कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश अपनी बात रख रहे थे। इस दौरान राकेश कुमार ने बीच में ही सवाल उठाना शुरू कर दिया था। इस बीच, नबील उस्मानी ने भी अपनी बात रखनी शुरू कर दी थी। इससे कांग्रेस प्रवक्ता बुरी तरह भड़क गए। उन्होंने पैनलिस्टों से बीच में टोका-टाकी न करने का अनुरोध किया। लेकिन, अखिलेश प्रताप सिंह द्वारा वीर सावरकर का नाम लेने पर राकेश कुमार फिर से बोल बैठे। इस पर उन्होंने भड़कते हुए कहा कि यहां आतंकवादियों को बिठा दिया गया है। उन्होंने पैनल में शामिल लोगों को वैचारिक आतंकवादी भी करार दे दिया। साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि उन्हें बोलने नहीं दिया गया तो वह अन्य लोगों को भी नहीं बोलने देंगे।

एएमयू के छात्रसंघ भवन में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर लगाई गई थी। भाजपा सांसद सतीश गौतम ने इस पर सवाल उठाते हुए यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर को पत्र लिखा था। उन्होंने एएमयू में जिन्ना की तस्वीर लगाने के औचित्य पर सवाल उठाया था। इसके बाद जिन्ना की तस्वीर गायब होने की बात सामने आई थी। हालांकि, एएमयू छात्रसंघ ने तस्वीर हटाने से इनकार कर दिया था। इस बीच, हिंदू युवा वाहिनी भी इस विवाद में कूद पड़ी और जिन्ना की तस्वीर हटाने के लिए एएमयू प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे डाला था। बुधवार (2 मई) को यूनिवर्सिटी गेट पर जिन्ना का पुतला दहन किया गया था, जिसके बाद छात्रों के साथ टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा था। इसमें एएमयू के कुछ छात्र घायल हो गए थे।

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