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केंद्र की हिदायत के बाद दिल्ली सहित कई शहर चौकन्ने

अमलेश राजू  पाकिस्तान के पेशावर में सैनिक स्कूल में हुए आतंकी हमले और बच्चों के कत्लेआम के बाद दिल्ली सहित सभी प्रमुख शहरों में चौकसी बढ़ा दी गई है। केंद्र ने बुधवार को राज्यों को खबरदार करते हुए कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की अगले महीने की भारत यात्रा से पहले आतंकवादी हमले […]

अमलेश राजू 

पाकिस्तान के पेशावर में सैनिक स्कूल में हुए आतंकी हमले और बच्चों के कत्लेआम के बाद दिल्ली सहित सभी प्रमुख शहरों में चौकसी बढ़ा दी गई है। केंद्र ने बुधवार को राज्यों को खबरदार करते हुए कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की अगले महीने की भारत यात्रा से पहले आतंकवादी हमले की आशंका बढ़ गई है। देशव्यापी सलाह जारी करते हुए गृह मंत्रालय ने कानून प्रवर्तन एजंसियों से कहा है कि संवेदनशील स्थानों और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाएं।

गृह मंत्रालय की तरफ से जारी हिदायत में कहा गया है, ‘इसमें सार्वजनिक स्थान भी शामिल हैं, जहां ज्यादा संख्या में लोग आते हैं, रेलवे और स्कूलों सहित सार्वजनिक परिवहन भी शामिल है ।’ बहरहाल, गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद दिल्ली के स्कूलों सहित अन्य महत्त्वपूर्ण इमारतों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। स्कूलों और इमारतों के अलावा अन्य सभी संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी मुस्तैदी बढ़ा दी गई है। एनआइए की ओर लश्कर और आतंकियों के सरगना हाफिज सईद की ओर से रची जा रही साजिश की सूचना राजधानी के अलावा राज्यों के सुरक्षा-तंत्र तक पहुंचाई गई है, ताकि एहतियाती कदम उठाए जाएं।

भारतीय खुफिया एजंसियों को ऐसी सूचना मिली है कि पाकपरस्त दहशतगर्द राजधानी के अलावा देश के छोटे शहरों में खूनी कारनामा कर सकते हैं। राजधानी दिल्ली के दो बड़े होटल भी आतंकवादियों के निशाने में हो सकते हैं। खुफिया सूत्रों का दावा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के भारत आने से पहले या दौरे के बीच कोई आतंकी हमला किया जा सकता है। इस बाबत अमेरिकी एजंसियों ने भी भारतीय अधिकारियों को आगाह किया है। ओबामा आगामी गणतंत्र दिवस पर खास मेहमान होंगे और उनका सुरक्षा दस्ता अभी से भारत में सुरक्षा हालात की टोह ले रहा है।

पेशावर मे मंगलवार को हुए वहशियाना हमले के बाद भारत में भी तालिबानी आतंकियों या उनके हमराह उग्रवादियों का खतरा बढ़ा है, इसलिए राजधानी को चौकस कर दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता होने के नाम पर बुधवार को मेट्रो में कुछ जगहों पर बम की अफवाह के बाद बाद में इसे मॉक ड्रिल बता दिया गया। उधर पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी ने बुधवार को पत्रकारों को बताया कि राजधानी के सभी स्कूलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मुस्तैद कर दी गई है। पुलिस किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए तैयार है।

सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद दिल्ली पुलिस आयुक्त ने सभी जिला पुलिस उपायुक्तों से कहा है कि वे अपने क्षेत्र में आने वाले स्कूलों और कॉलेजों में सुरक्षा संबंधी कदमों पर निगाह रखे और माकूल व्यवस्था करें। उपायुक्तों को यह भी निर्देश है कि वे सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दें कि अपने इलाकों में स्थित शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्यों से मुलाकात करें और कड़ी चौकसी बरतने के साथ आपात योजना तैयार करें।

पुलिस ने शिक्षा संस्थानों के प्रधानों से कहा है कि जब छात्र अंदर हों तो गेट बंद रखे जाएं। हथियार के साथ गार्ड तैनात किया जाए और बाहर से लोगों को उचित जांच के बाद ही अंदर जाने दिया जाए। निर्देश यह भी है कि शहर के सभी प्रमुख स्कूलों और कॉलेजों के आसपास पीसीआर वैन खड़ी कर इलाके में बीट कांस्टेबल गश्त बढ़ाई जाए। पेशावर हमले से एक दिन पहले आॅस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में बंधक संकट के बाद भी दिल्ली में शॉपिंग मॉल जैसे सार्वजनिक स्थानों और दूसरी अन्य भीड़भाड़ वाली जगहों पर सुरक्षा सख्त कर दी गई थी।

सूत्रों का कहना है कि बीते पांच दिसंबर को आतंकी हमलों की आशंका को लेकर खुफिया जानकारी मिलने के बाद दिल्ली में पहले से ही सतर्कता बरती जा रही है। क्रिसमस और नए साल के साथ ही गणतंत्र दिवस पर ओबामा के भारत दौरे को देखते हुए भी पुलिस बलों को सतर्क रखा गया है। पेशावर कांड का असर भारत के अन्य शहरों से ज्यादा दिल्ली में दिखने लगा है।

खुफिया एजंसियों ने यह अंदेशा जताया था कि आतंकी किसी भी जगह पर हमले कर अपनी ताकत का इजहार करेंगे। बड़े हमले को अंजाम देने में नाकाम होने पर वे किसी भीड़भाड़ के इलाके को निशाना बनाकर अपनी मौजूदगी दर्ज करा सकते हैं। अब पेशावर में जब आर्मी स्कूल को आंतकवादियों ने निशाना बनाया और 132 मासूमों की जान ले ली तो फिर खुफिया एजंसियों ने भारत को भी अंदर से सचेत कर दिया है। इसलिए देश के अन्य शहरों की तरह ही दिल्ली के स्कूलों, कॉलेजों, शॉपिंग मॉल के साथ सार्वजनिक जगहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में हमले की आशंका को लेकर अलर्ट जारी किए गए हैं।

मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, सरकार स्कूलों की सुरक्षा को लेकर स्थायी दिशा-निर्देश तैयार करने में जुटी हुई हैं। बुधवार शाम को गृह मंत्रालय ने इस बारे में अधिकारियों से चर्चा की। अधिकारियों की राय में उन चुनिंदा स्कूलों को अलग से हिदायत दी जाएगी जिनमें विदेशी राजनयिकों के बच्चे पढ़ते हैं। स्कूलों से कहा गया है कि वे पूरे दिन अपने गेट बंद रखें।

सूत्रों के मुताबिक, हाल में खुफिया एजंसियों ने लश्कर के आतंकियों की आपसी बातचीत को मध्यप्रदेश के इलाके में ‘इंटरसेप्ट’ किया था जिसमें एक प्रतिबंधित संगठन के उन लड़कों के बारे में बातचीत हुई है और उन्हें हमले की जिम्मेदारी देने की बात है। यह भी आशंका है कि कोई एक आत्मघाती अकेले भी ऐसी किसी घटना को अंजाम दे सकता है।

दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान से भारत आकर मजनू का टीला इलाके में टैंट लगाकर रह रहे करीब 450 हिंदू परिवारों को भी सुरक्षा के घेरे में ले लिया है। वे सभी पाकिस्तानी वीजा पर भारत आए हैं और उनकी वीजा की अवधि पुलिस ने बढ़ा दी है।

बुधवार को गुड़गांव के हुडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशनों पर आजमाइशी ड्रिल किया गया। इस ड्रिल से कुछ देर के लिए अफरातफरी मची रही, फिर सुरक्षा के बाबत लोगों को एहतियात बरतने के निर्देश के बाद घर जाने को कहा गया।

बुधवार को पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी ने भी पुलिस मुख्यालय में एक कार्यक्रम में पत्रकारों को बताया कि राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था मुस्तैद है और किसी भी अनहोनी को घटने से पहले नाकाम करने के लिए पुलिस सतर्क है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा हमारा मुख्य ध्येय है और इसलिए हमने तमाम बलों को सतर्क कर दिया है।

इस बीच राज्यों को गृह मंत्रालय की जारी हिदायत में बताया गया है कि सभी संवेदनशील स्थानों पर वर्तमान मानक संचालन प्रक्रिया के तहत मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा सकता है। इसमें कहा गया है कि प्रतिबंधित सिमी के सदस्यों से भी खतरा हो सकता है जो खंडवा जेल (मध्यप्रदेश) से फरार हो गए थे, इंडियन मुजाहिद्दीन का पाकिस्तान स्थित संगठन और लश्करे -तैयबा भी खतरा पैदा कर सकता है ।

केंद्र ने कहा है कि इसके अलावा कट्टरपंथी आइएसआइएस के समर्थकों के हमले को अंजाम देने की भी आशंका बन सकती है। इस तरह के हमलों को तभी रोका जा सकता है, जब राज्य और केंद्रीय खुफिया एजंसियां अपने सभी संसाधनों को सक्रिय कर दें और कार्रवाई योग्य खुफिया सामग्रियां एकत्रित करें । सलाह में बताया गया है कि त्वरित कार्रवाई दस्तोंं को भी तैयार रखने की जरूरत है ताकि किसी भी घटना से निपटा जा सके।

गृह मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों और केंद्रीय एजंसियों से आग्रह किया कि संभावित आतंकवादी हमले को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं और कहा कि उपरोक्त उपाय केवल हिदायत भर हैं, व्यापक इंतजाम वे खुद करें।

 

 

 

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