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यूपी: कातिल साबित हुए अखिलेश यादव सरकार के मंत्री, हुई उम्रकैद

राम करण आर्य चार बार विधायक रह चुके हैं और प्रदेश की समाजवादी पार्टी सरकारों में दो बार मंत्री भी रहे हैं।

राम करण आर्य (पीटीआई फोटो)

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहे राम करण आर्य को अदालत ने सोमवार को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनायी। कोर्ट ने दोषी राम करण पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता राम करण आर्य अखिलेश यादव सरकार में आबकारी मंत्री थे। आर्य चार बार विधायक रह चुके हैं और प्रदेश की समाजवादी पार्टी सरकारों में दो बार मंत्री भी रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले की अदालत ने अपने फैसले में मामले के अन्य आठ अभियुक्तों को रिहा कर दिया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनील कुमार पुंडीर ने इन सभी अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए उन्हें सभी आरोपों से बरी करने का आदेश दिया। मामले के एक अभियुक्त की मामले की सुनवाई के दौरान मौत हो गयी थी। मामले में 10 लोगों को आरोपी बनाया गया था।

दोषी राम करण आर्य ने नवंबर 1994 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद जगदंबिका पाल के भतीजे शम्भू पाल की दिन-दहाड़े हत्या करवायी थी। जगदंबिका पाल यूपी के डुमरियागंज से सांसद हैं।  उस समय राम करण आर्य विधायक थे और उन पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगा था जिसे बाद में अदालत ने सही पाया। आर्य और शामभूपल की पुरानी दुश्मनी थी।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विधान सभा चुनाव से पहले माफियाओं और दबंग छवि वाले मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद इत्यादि का टिकट काटकर संदेश देने की कोशिश की थी कि उनकी सरकार ऐसे नेताओं को प्रश्रय नहीं देगी। लेकिन उन्हीं की पार्टी के कई दबंग नेता चुनाव लड़े। सपा सरकार में मंत्री और प्रतापगढ़ के बाहुबली नेता रघुराज प्रताप सिंह जैसे चुनाव जीतने में सफल रहे। ताजा फैसले से अखिलेश यादव को भले ही कोई राजनीतिक झटका न लगे लेकिन सपा सरकार की राजनीति में गुंडा तत्वों को शह देने वाली छवि एक बार फिर विपक्षी दलों द्वारा उछाली जाएगी।

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