INDIA गठबंधन की सोमवार को हुई बैठक में कांग्रेस को गठबंधन के सहयोगी दलों से आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव जैसे नेताओं ने बैठक में कांग्रेस को जमकर सुनाया। सीपीआई (एम) और एनसीपी (एसपी) समेत कुछ नेताओं ने तमिलनाडु में डीएमके के साथ अपना पुराना गठबंधन तोड़ने के लिए कांग्रेस पर तंज भी कसा।
बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और ममता बनर्जी के साथ मिलकर घोषणा की कि वे चुनावी गड़बड़ियों के आरोपों पर सीजेआई को पत्र लिखेंगे। साथ ही पेपर लीक व परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर मचे हंगामे के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करेंगे।
कांग्रेस को बड़ा दिल दिखाना चाहिए- अखिलेश
सूत्रों का कहना है कि बैठक के दौरान अखिलेश यादव ने मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी से साफ तौर पर कहा कि कांग्रेस को बड़ा दिल दिखाना चाहिए और सभी को साथ लेकर चलने वाला रवैया अपनाना चाहिए। सपा प्रमुख ने कहा कि गठबंधन की यह बैठक बहुत लंबे समय बाद हो रहा है और इस दौरान राजनीतिक माहौल काफी खराब हो गया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन को आत्म-मंथन करना चाहिए कि क्या वह उस तरह काम कर रहा है, जैसा उसे करना चाहिए था।
कई नेता अखिलेश की बात से हुए सहमत
आगे अखिलेश ने कहा कि क्षेत्रीय दलों को यह कहने में कोई हिचकिचाहट नहीं होती कि वे कांग्रेस के साथ गठबंधन में हैं, लेकिन राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस कभी ऐसा नहीं कहती। उन्होंने डीएमके के साथ गठबंधन तोड़ने के लिए कांग्रेस की आलोचना की। बाद में एनसीपी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले और सीपीआई (एम) के जॉन ब्रिटास ने भी इस बात का समर्थन किया। गठबंधन की संस्थापक सदस्य डीएमके ने यह साफ कर दिया कि वह कांग्रेस के साथ मंच साझा नहीं करेगी और बैठक में वह शामिल नहीं हुई।
अखिलेश ने कहा कि कांग्रेस का प्रदेश नेतृत्व शायद राजनीतिक हालात की गंभीरता को समझ नहीं पा रहा है। तेजस्वी यादव ने भी इस बात का समर्थन किया और कहा जा रहा कि उन्होंने एक मौके पर यह भी कहा कि बिहार में कांग्रेस का राज्य नेतृत्व समझौता कर चुका है। खबर तो यह भी है कि सपा प्रमुख ने नीतीश का नाम लिया और कहा कि अगर जदयू के प्रमुख नीतीश कुमार गठबंधन में होते तो हालात कुछ और होते।
केरल के पूर्व सीएम पिनाराई विजयन के घर पर ईडी की छापेमारी का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा कि जब केंद्रीय एजेंसियां गठबंधन के किसी सदस्य को निशाना बनाती हैं तो बाकी सदस्यों को एक-दूसरे का साथ देना चाहिए।
सपा प्रमुख का समर्थन करते हुए तेजस्वी ने भी कहा कि उन्होंने राज्यसभा चुनाव के पिछले दौर में कांग्रेस के गुजारिश की थी, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। तालमेल की कमी का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि गठबंधन के सहयोगी दल ने बिहार में 10-15 सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा।
टीएमसी ने बंगाल में अत्याचारों पर बात की
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव से पहले, उसके दौरान और उसके बाद हुए राजनीतिक जुल्मों के बारे में बात की। उन्होंने नेताओं के एकजुट रहने और गठबंधन की पार्टियों के बीच तालमेल बिठाने में कांग्रेस को आगे रहने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि गठबंधन को सिविल सोसाइटी के आंदोलनों को बढ़ावा देना चाहिए और एक-दूसरे की आलोचना नहीं करनी चाहिए।
चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए ममता ने गठबंधन के एक प्रतिनिधिमंडल से चुनाव आयोग से मिलने को कहा, लेकिन इस प्रस्ताव को ज्यादा समर्थन नहीं मिला। आखिर में तय किया गया कि गठबंधन भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखेगा। अखिलेश ममता के समर्थन में कहा कि अगर किसी को लगता है कि वह हार गईं तो वह गलत हैं।
उद्धव ने भी दिए सुझाव
बैठक में वर्चुअली शामिल हुए उद्धव ठाकरे ने सुझाव दिया कि गठबंधन को किसी नेता को अपना चेहरा बनाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन को इस बात पर सोचना चाहिए कि कॉकरोच जनता पार्टी जैसे ऑनलाइन अभियान को इतनी लोकप्रियता कैसे मिल गई। उन्होंने कहा, “क्या जनता का हम पर से भरोसा उठ गया है। गठबंधन को सिर्फ चुनावों के दौरान नहीं बल्कि हमेशा एक्टिव रहना होगा और जमीन पर काम करना होगा।”
राजसभा सांसद ने राहुल गांधी से व्यक्त की नाराजगी
सीपीआई(एम) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि लोगों में भारी नाराजगी के बाद भाजपा लगातार चुनाव जीत रही है। बंगाल के बारे में बात करते हुए कहा कि भाजपा अब सिर्फ सत्ताधारी पार्टी नहीं बनना चाहती बल्कि वह विपक्ष की जगह भी लेना चाह रही।
जॉन ने हाल में हुए विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी समेत कांग्रेस के नेताओं द्वारा विजयन पर किए गए हमलों को लेकर अपना नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि केरलमें कांग्रेस और लेफ्ट लंबे समय से एक-दूसरे के खिलाफ लड़ते रहे हैं। साथ ही तर्क दिया कि यदि केरल से ताल्लुक रखने वाले कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल उन पर या उनके नेताओं पर हमला न करते तो लेफ्ट को कई दिक्कत नहीं थी।
उन्होंने कहा, यह वे विपक्षी नेता हैं जिनका हम समर्थन करते हैं और जब वे केरल आकर बेबुनियाद आरोप लगाते हैं कि भाजपा के साथ हमारी कोई मिलीभगत है तो हमें यह बर्दाश्त नहीं होती। हम सालों से भाजपा के वैचारिक और राजनीतिक तौर पर मुकाबला कर रहे हैं।
जॉन ने भी डीएमके का साथ कांग्रेस के गठबंधन तोड़ने पर चिंता जताई और कहा कि एमके स्टालिन की अगुवाई वाली पार्टी गठबंधन से बाहर करना अच्छा संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस ने यह कदम मंत्री पद या राज्यसभा सीट के लिए उठाया है और यह बदलाव गठबंधन के लिए उचित नहीं।
राहुल गांधी ने दिया जवाब
सभी की आलोचना सुनने के बाद मुस्कारते हुए राहुल गांधी ने सभी को भरोसा दिलाया कि उनकी भूमिका सभी को प्यार और स्नेह के साथ एकजुट रखने की है। राहुल गांधी ने कहा कि ममता बनर्जी को 90 फीसदी भरोसा है कि चुनाव में धांधली हुई, अखिलेश और तेजस्वी को 50 प्रतिशत यकीन है, वहीं उन्हे भी 100 प्रतिशत यकीन है कि देश के चुनावों में गड़बड़ी की गई थी। राहुल ने कहा, “यह साफ ही कि एक तरफ कांग्रेस और INDIA है और दूसरी ओर भाजपा-आरएसएस है। हम सभी को एकजुट करने के लिए प्यार का सहारा लेंगे।”
खबर है कि जॉन ब्रिटास की बातों के जवाब में गांधी ने कहा कि विजयन से उनकी कोई निजी दुश्मनी नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि चुनाव प्रचार के दौरान भाषण राज्य के नेताओं से मिली जानकारी और फीडबैक के आधार पर तैयार किए जाते हैं। उन्होंने विजयन पर अपने हमलों को कमतर आंकते हुए कहा कि वे प्रचार के दौरान किए गए थे और उन्हें निजी हमले के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
उमर ने की जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा दिलाने की अपील
बैठक में बोलने वालों में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी शामिल थे। उन्होंने “आत्म-मंथन” करने और गठबंधन के सदस्यों से सकारात्मक बने रहने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि वे केंद्र में बीजेपी को अल्पमत सरकार तक सीमित करने में सफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि गठबंधन को यह मानना चाहिए कि कांग्रेस ही वह कड़ी है जो इसे एकजुट रखती है। अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि विपक्ष को CJP के साथ जुड़ना चाहिए क्योंकि “वे निश्चित रूप से कुछ सही कर रहे होंगे”। साथ ही नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने पार्टियों से J&K को राज्य का दर्जा दिलाने के मुद्दे पर समर्थन करने की भी अपील की।
जबकि PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि INDIA गठबंधन की सोशल मीडिया पर मौजूदगी होनी चाहिए, जबकि सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि गठबंधन एक सचिवालय, एक रिसर्च टीम और प्रवक्ताओं की एक टीम बनाए।
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