Ram Mandir Donation Row: राम मंदिर दान विवाद की चोरी के आरोपी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को लेकर सपा चीफ अखिलेश यादव और भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे के बीच राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। अखिलेश यादव ने सपा प्रदेश अध्यक्ष केके पाल के माध्यम से निशिकांत दुबे को मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा।

समाजवादी पार्टी के नेताओं ने इटावा के फ्रेंड्स कॉलोनी पुलिस स्टेशन में निशिकांत दुबे और कई अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत का जवाब देते हुए निशिकांत दुबे ने कहा, “भारतीय न्याय संहिता कानून के प्रावधानों के तहत खुद अखिलेश यादव जी को थाने जाकर शिकायत दर्ज करानी होगी। कानून का पालन करिए।”

मानहानि नोटिस को लेकर क्या बोले बीजेपी सांसद

भाजपा सांसद ने मानहानि नोटिस को लेकर भी एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने कहा, “अखिलेश जी इस तरह का वकील लोग आपको बेइज्जत कर रहा है, मानहानि यदि आपका हुआ है तो नोटिस भी आपकी तरफ से ही आएगा ना, कानून यही कहता है। इस कानून को बनाने वाले कमिटि का मैं भी सदस्य था, इसलिए जानकारी है। आपने क्या हालत बना रखी है, कुछ लेते क्यों नहीं? कम से कम विक्स की गोली ले लीजिए।”

क्या था पूरा विवाद?

दरअसल अब पूरे मामले की बात करें तो झारखंड के गोड्डा से भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने 5 जुलाई को सरवन्ना प्रसाद बालासुब्रमण्यम की ओर से शेयर की गई एक पोस्ट साझा की थी। इसमें दावा किया गया था कि टिन्नू यादव अखिलेश यादव के नियमित संपर्क में थे। इस पोस्ट में कथित पुलिस जांच और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड का हवाला दिया गया था। इसे शेयर करते हुए दुबे ने लिखा- क्या टिन्नू, टीपू से बात नहीं कर रहा था?

अखिलेश यादव ने दुबे को दिया था दस मिनट का अल्टीमेटम

अखिलेश यादव ने पोस्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की और दुबे को इसे डिलीट करने के लिए 10 मिनट का समय दिया। अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “जितना सत्ता पक्ष के सांसद का विशेषाधिकार होता है, उतना ही विशेषाधिकार विपक्ष के सांसद का भी होता है। पुरुषोत्तम प्रभु राम जी की मर्यादा एवं सामाजिक शालीनता, सभ्यता और संसदीय परंपरा का मान रखते हुए हम भाजपा के सांसद को 10 मिनट का समय देते हैं कि वो इस झूठे ट्वीट-पोस्ट को डिलीट कर दें अन्यथा उनके ख़िलाफ़ तत्काल नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी, साथ ही ये चेतावनी उन सबको भी है जिन्होंने ये झूठ फैलाया है, वो भी सोशल मीडिया पर तुंरत डिलीट करें और सार्वजनिक माफी मांगें या कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।” यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…