Special Parliament Session: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर कहा कि जो भी दल आज इसका विरोध करेगा उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। इसी बीच, एक मौका ऐसा भी आया जब पीएम मोदी की बात सुनकर पूरा सदन ठहाके मारकर हंसने लगा।
दरअसल, समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव पीएम मोदी के संबोधन के बीच में खड़े हुए और प्रधानमंत्री से कहा कि आपने पिछड़ो का ख्याल नहीं रखा है। फिर प्रधानमंत्री मोदी ने सपा सांसद से कहा, “धर्मेंद्र जी मैं आपका बहुत ही ज्यादा आभारी हूं कि आपने मेरी पहचान करवा दी। यह बात बिल्कुल सही है कि मैं अति पिछड़े समाज से आता हूं। धर्मेंद्र जी मैं आपका बहुत आभारी हूं और अखिलेश जी मेरे मित्र हैं तो कभी-कभी मेरी मदद कर देते हैं। ये बात बिल्कुल सही है कि मैं अति पिछड़े समाज से आता हूं। लेकिन मेरा दायित्व समाज में सभी को साथ लेकर चलने का है।”
पीएम मोदी ने आगे कहा, “2023 में जब हम इस पर चर्चा कर रहे थे, तब लोग कह रहे थे, जल्दी करो। 2024 में संभव नहीं हो पाया, क्योंकि इतने कम समय में नहीं हो पाता। अब 2029 में हमारे पास समय है, अगर 2029 में भी नहीं करेंगे तो स्थिति क्या बनेगी हम कल्पना कर सकते हैं। समय की मांग है कि अब हम ज्यादा विलंब न करें।”
इसका श्रेय हम सब को मिलेगा- पीएम मोदी
लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “यह देश के लोकतंत्र के हित में होगा, यह देश की सामूहिक निर्णय लेने की प्रक्रिया के हित में होगा और इसका श्रेय हम सभी को मिलेगा। न तो वित्त विभाग, न ही मोदी इसके हकदार होंगे, और न ही यहां बैठे सभी लोग इसके हकदार होंगे। मैं उन लोगों से अनुरोध करता हूं जिन्हें इसमें राजनीति की बू आ रही है कि वे पिछले 30 वर्षों के अपने दृष्टिकोण पर गौर करें और देखें कि क्या इसमें कोई लाभ है। मेरा मानना है कि इसे राजनीतिक रंग देने की कोई आवश्यकता नहीं है।”
किसी के साथ अन्याय नहीं होगा- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैं आज बड़ी जिम्मेदारी के साथ इस सदन से कहना चाहता हूं कि चाहे दक्षिण हो, उत्तर हो, पूरब हो, पश्चिम हो, छोटे राज्य हों या बड़े राज्य हो। ये निर्णय प्रक्रिया किसी के साथ भी भेदभाव या अन्याय नहीं करेगी। भूतकाल में जो सरकार रही, जिनके काल में जो परिसीमन हुआ, उस अनुपात में भी कोई बदलाव नहीं होगा, और वृद्धि भी उसी अनुपात में होगी। अगर गारंटी चाहिए तो मैं गारंटी देता हूं, वादा चाहिए तो वादा देता हूं, क्योंकि अगर नीयत साफ है, तो शब्दों का खेल करने की जरूरत नहीं है।” संसद की कार्यवाही से जुड़े तमाम अपडेट्स के लिए पढ़ें लाइव ब्लॉग…
