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BJP पर बरसे शिवसेना और अकाली दल, बोले- वाजेपयी-आडवाणी जैसा बर्ताव क्‍यों नहीं करते

संसदीय कार्य मंत्री एम वैंकेया नायडू के घर पर यह बैठक एनडीए दलों के बीच संसद के अंदर और बाहर बेहतर तालमेल के लिए बुलाई गई थी।

Author नई दिल्‍ली | February 10, 2016 1:12 PM
अकाली दल अध्‍यक्ष और पंजाब के उप मुख्‍यमंत्री सुखबीर सिंह। (Express Photo: Prem Nath Pandey)

भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह ने सोमवार रात को सहयोगी दलों के नेताओं से मुलाकात की। इसमें शिवसेना और अकाली दल ने भाजपा को कई मुद्दों पर घेरा और उन्‍हें भरोस में लेने को कहा। यहां तक कि तेलुगुदेशम पार्टी अध्‍यक्ष चन्‍द्रबाबू नायडू ने भी भाजपा को राज्‍यों में सत्‍ता में बैठे सहयोगी पार्टियों की मदद करने को कहा है। संसदीय कार्य मंत्री एम वैंकेया नायडू के घर पर यह बैठक एनडीए दलों के बीच संसद के अंदर और बाहर बेहतर तालमेल के लिए बुलाई गई थी।

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इस दौरान सहयोगियों को अमित शाह ने कहा कि 2019 का लोकसभा चुनावा सभी सहयोगी साथ मिलकर लड़ेंगे। उन्‍होंने सहयोगी दलों को भरोसा दिलाया कि निजी चिंताओं पर अलग बैठक में चर्चा होगी। बैठक के दौरान शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि, ‘ कई बार हमें यह समझने में दिक्‍कत होती है कि यह हमारी सरकार है या नहीं।’ आरपीआई के रामदास अठावले ने रोहित वेमुला की आत्‍महत्‍या का मामला उठाया। उन्‍होंने कहा कि इस मामले के चलते एनडीए की छवि को नुकसान पहुंचा है। सूत्रों के अनुसार बैठक में जामिया मिलिया इस्‍लामिया के माइनॉरिटी स्‍टेटस का मुद्दा भी उठा।

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इसके बाद मंगलवार को अमित शाह ने दिन में चंद्रबाबू नायडू और रात में अकाली दल अध्‍यक्ष सुखबीर सिंह बादल से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार शाह ने बादल को भरोसा दिलाया कि पंजाब में दोनों दलों का गठबंधन बना रहेगा। जल्‍द ही अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए संयुक्‍त रणनीति के लिए बैठक बुलाई जाएगी। सूत्रों के अनुसार सोमवार को हुई बैठक में बादल काफी उग्र नजर आए। उन्‍होंने कहा कि अल्‍पसंख्‍यकों में यह संदेश जा रहा है कि एनडीए सरकार उनकी विरोधी है। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्‍व वाली एनडीए सरकार और इस सरकार में काफी अंतर है। बड़े मुद्दों पर भाजपा और उसके सहयोगियों में कोई समन्‍वय नहीं है।

उन्‍होंने कहा कि वाजपेयी अकाली दलों को पांच मिनट के नोटिस पर भी मिलने बुला लेते थे। लेकिन अब महीनों तक इंतजार करना पड़ता है। सूत्रों के अनुसार बादल ने कहा कि यूपीए सरकार भी विपक्षी सरकार की बात सुनती थी। उन्‍होंने अकाली दल-भाजपा के गठबंधन को लेकर भाजपा नेताओं के बयान का भी जिक्र करते हुए कहा कि इससे दोनों को नुकसान होगा। सूत्रों के अनुसार उन्‍होंने नवजोत सिंह सिद्धू के बयानों का उदाहरण दिया। हालांकि शाह ने भरोसा दिलाया कि गठबंधन पहले की तरह ही मजबूत है। भाजपा के अकेले लड़ने की खबरों में कोई सच्‍चाई नहीं है।

राउत ने भी बादल के बयान का समर्थन किया तो वैंकेया नायडू ने शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में पीएम नरेन्‍द्र मोदी की आलोचना की ओर इशारा किया। इस पर राउत ने कहा कि पाकिस्‍तान के मुद्दे पर शिवसेना की राय साफ है। उन्‍होंने कहा कि जब तक पा‍क आतंकवाद का समर्थन करेगा वह उसके साथ बातचीत के खिलाफ है। सूत्रों के अनुसार राउत ने शिकायत करते हुए कहा कि वाजपेयी और आडवाणी की तरह भाजपा साथियों से बात नहीं करती।

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