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अयोध्‍या व‍िवाद: राजनाथ स‍िंह के दफ्तर ने कहा- अजमेर दरगाह के प्रमुख से म‍िले गृह मंत्री, प्रमुख बोले- मैं तो गया ही नहीं था

गृह मंत्री के ऑफिस की ओर से कहा गया था कि अयोध्या मामले में चर्चा करने के लिए अजमेर दरगाह प्रमुख सैयद जैनुल ने 12 सूफी मौलवियों समेत मंगलवार को राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी।

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह (एजेंसी फाइल फोटो)

गृह मंत्री राजनाथ सिंह के ऑफिस की तरफ से यह कहा गया है कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के मामले में राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कुछ सूफी मौलवियों से मुलाकात की। गृह मंत्री के ऑफिस की ओर से कहा गया था कि अयोध्या मामले में चर्चा करने के लिए अजमेर दरगाह प्रमुख सैयद जैनुल ने 12 सूफी मौलवियों समेत मंगलवार को राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी। यह मुलाकात सिंह अकबर रोड स्थित सिंह के आवास में ही हुई थी। हालांकि जब सैयद जैनुल से इस मामले में बात की गई तब उन्होंने काफी हैरान करने वाला जवाब दिया।

उनका कहना है कि राजनाथ से उनकी कोई मुलाकात नहीं हुई। सैयद ने कहा कि जिस व्यक्ति ने अजमेर दरगाह प्रमुख बनकर राजनाथ से मुलाकात की वह कोई बहरूपिया रहा होगा। ‘द हिंदू’ के मुताबिक दरगाह प्रमुख के बेटे सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती का कहना है, ‘अजमेर शरीफ दरगाह में करीब 4000 खादिम हैं। जो व्यक्ति श्री श्री रविशंकर के साथ घूम रहा है वह खुद को दरगाह का प्रमुख बता रहा है। यहां तक कि उसने मेरे पिता की तरह कपड़े भी पहन रखे हैं।’

बता दें कि अयोध्या मामले में मध्यस्थता कराने की कोशिशें की जा रही हैं। इस मामले में अब आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने भी मध्यस्थता कराने का ऐलान किया है। उन्होंने 13 नवंबर को जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में अपने संबोधन में कहा था कि वह अपनी ओर से मंदिर विवाद में मध्यस्थता कराने 16 नवंबर को अयोध्या जाएंगे और सभी पक्षकारों से मिलेंगे। उन्होंने कहा था, ‘मेरा इस मुद्दे पर कोई एजेंडा नहीं है और अपनी अयोध्या यात्रा के दौरान मैं सभी की बातें सुनूंगा।’ सूत्रों की मानें तो अयोध्या जाने से पहले रविशंकर ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की है। श्री श्री रविशंकर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच यह एक शिष्टाचार मुलाकात थी।

उत्तर प्रदेश सरकार के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘यह दोनों के बीच एक शिष्टाचार मुलाकात थी। बैठक ठीक ठाक रही और करीब 15 से 20 मिनट तक चली।’’ उन्होंने बताया कि जहां तक अयोध्या का मामला है, मुख्यमंत्री जी का रूख पूरी तरह से साफ है। राज्य सरकार इस मामले में पक्षकार नहीं है। सरकार अदालत के हर फैसले का सम्मान करेगी।

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