महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन हो गया। अब जांच एजेंसियों ने विमान के ब्लैक बॉक्स को बरामद कर लिया है, माना जा रहा है कि इसकी मदद के हादसे की असल वजह पता चल जाएगी।
बुधवार सुबह अजित पवार का विमान क्रैश हुआ था। फ्लाइट में सवार सभी लोगों की दर्दनाक मौत हुई। उस हादसे के बाद राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई, कई नेताओं ने सामने से आकर जांच की भी मांग भी की। अभी तक इस हादसे का असल कारण सामने नहीं आया है, लेकिन कई पहलुओं से जांच की जा रही है। अब इस बीच ब्लैक बॉक्स का बरामद होना बड़ी बात है।
क्या होता है ब्लैक बॉक्स?
फ्लाइट में किसी भी दुर्घटना का पता लगाने के लिए ब्लैक बॉक्स का इस्तेमाल किया जाता है। ये उड़ान से जुड़ी सभी जानकारियों और गतिविधियों को रिकॉर्ड करता है। इसी वजह से इसे फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर (FDR) भी कहा जाता है। दुर्घटना के दौरान इसे सुरक्षित रखने के लिए इसे सबसे मजबूत धातु टाइटेनियम से बनाया जाता है। इसकी मजबूती इस कदर होती है कि किसी दुर्घटना के होने पर भी ब्लैक बॉक्स सुरक्षित रहता है।
इस ब्लैक बॉक्स से जानकारी जुटाई जाती है कि असल में हुआ क्या था। ब्लैक बॉक्स का इस्तेमाल 1950 के दशक की शुरुआत में शुरू हुआ था, जब विमान दुर्घटनाओं के बाद जांचकर्ता दुर्घटनाओं के निर्णायक कारण का पता लगाने में असमर्थ थे। डेविड वॉरेन नामक एक ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिक को अक्सर इसके आविष्कार का श्रेय दिया जाता है।
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