महाराष्ट्र के पुणे जिले में बुधवार सुबह विमान दुर्घटना में डिप्टी सीएम अजित पवार और चार अन्य लोगों की मृत्यु हो गई। यह घटना उस वक्त हुई जब पवार और अन्य लोगों को ले जा रहा विमान बारामती के पास उतर रहा था। अधिकारियों के अनुसार, एनसीपी प्रमुख अजित पवार बुधवार सुबह मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुए थे जहां उन्हें 5 फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनावों के सिलसिले में रैलियों को संबोधित करना था। अजित पवार की आकस्मिक निधन से जहां एनसीपी में शोक का माहौल हैं वहीं एक सवाल यह भी उठ रहा है कि अब एनसीपी की कमान कौन संभालेगा? महाराष्ट्र के एक बीजेपी नेता ने इस बारे में जानकारी दी है।
भाजपा नेता राम कदम ने कहा, “अजित पवार का अचानक निधन उनकी पार्टी और महाराष्ट्र राज्य दोनों के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके बाद उपमुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह उनकी पार्टी का निजी मामला है। हालांकि, खबरों के मुताबिक, सुनेत्रा पवार (अजित पवार की पत्नी) के नाम पर विचार किया जा रहा है। वह सिर्फ एक गृहिणी नहीं हैं, वह वर्तमान में सांसद हैं और अगर उन्हें उपमुख्यमंत्री चुना जाता है तो यह फैसला उनकी पार्टी करेगी। मेरा मानना है कि यह अजित पवार को उनकी पार्टी की ओर से एक उचित श्रद्धांजलि होगी।”
अजित पवार एनसीपी के दोनों गुटों के विलय के इच्छुक थे- नेता का दावा
वहीं, अजित पवार के करीबी सहयोगी किरण गुजर ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि दिवंगत अजित पवार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों के विलय के इच्छुक थे और उनकी यह इच्छा जल्द ही साकार होने वाली थी। गुजर 1980 के दशक के मध्य में अजित पवार के राजनीति में कदम रखने से पहले से ही उनसे जुड़े हुए थे।
किरण ने न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा को बताया कि अजित पवार ने बुधवार को हुए विमान हादसे से ठीक पांच दिन पहले उनसे इस बारे में बात की थी। गुजर ने कहा, ”वह दोनों गुटों के विलय के लिए बहुत उत्सुक थे। उन्होंने मुझे पांच दिन पहले बताया था कि प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अगले कुछ दिनों में विलय होने वाला है।”
पढ़ें- NCP के दोनों गुटों का होना था विलय?
अजित पवार के पास था संयुक्त एनसीपी के भविष्य के लिए रोडमैप
अजित पवार ने हाल ही में संपन्न नगर निकाय चुनावों के दौरान कुछ चुनिंदा संवाददाताओं से बातचीत में कहा था कि वह अपनी पार्टी का शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) में विलय करने का इरादा रखते हैं। एनसीपी और एनसीपी (शरद चंद्र पवार) ने पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ में नगर निकाय चुनाव गठबंधन में लड़ा था। दोनों ने अगले महीने वाले जिला परिषद चुनावों के लिए भी गठबंधन बरकरार रखने का फैसला किया था।
गुजर ने कहा कि अजित पवार के पास विलय और संयुक्त एनसीपी के भविष्य के लिए एक रोडमैप तैयार था। यह पूछे जाने पर कि क्या अजित पवार ने शरद पवार से इस मुद्दे पर चर्चा की थी, किरण गुजर ने कहा, ”पवार साहब, सुप्रिया ताई (सुप्रिया सुले) और अन्य नेताओं के साथ सकारात्मक बातचीत चल रही थी और संकेत मिल रहे थे कि शरद पवार इस कदम का समर्थन करेंगे।” गुजर ने कहा, ”कई सकारात्मक संभावनाएं उभर रही थीं लेकिन इस त्रासदी ने अजित दादा को हमसे छीन लिया। अब उनकी मृत्यु के बाद यह और भी अधिक अनिवार्य हो गया है कि दोनों गुट एकजुट होकर बारामती और राज्य की बेहतरी के लिए काम करें।”
पढ़ें- उनके निधन से पैदा शून्य कोई नहीं भर सकता- बारामती निवासी
(भाषा के इनपुट के साथ)
