दिवाली के बाद ‘खतरनाक’ स्तर पर पहुंची दिल्ली की हवा, राजधानी में दिखी भयंकर धुंध

दिवाली की अगली सुबह प्रदूषण के चलते दिल्ली में धुंध की सफेद चादर देखने को मिली। वहीं अक्षरधाम इलाके में हवा की गुणवत्ता 452 है जो कि सीवियर केटेगरी में आता है। सुबह दिन निकलने के बाद भी धुंध के कारण गाड़ियों को हेड लाइट जला के चलना पड़ रहा है।

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दिवाली के बाद दिल्ली में बढ़ा वायु प्रदूषण(फोटो सोर्स: ANI)।

दिवाली के मौके पर दिल्ली में पटाखों पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद भी कई इलाकों में जमकर आतिशबाजी देखने को मिली। इस वजह से अब दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। बता दें कि जनपथ में आज सुबह प्रदूषण मीटर (पीएम) 2.5 की सांद्रता 655.07 थी। इसके अलावा पूरी दिल्ली पटाखों की वजह से गैस के चैंबर में बदली नजर आ रही है।

कई लोगों को गले में खुजली और आंखों से पानी आने की शिकायत भी है। वहीं अक्षरधाम इलाके में भी हवा की गुणवत्ता 452 पाई गई है जो कि सीवियर कैटेगरी में आता है। हालात ऐसे हैं कि दिन निकलने के बाद भी लोगों को धुंध के कारण गाड़ियों की हेड लाइट जलाना पड़ रहा है। कई इलाकों में एक्यूआई 1000 के करीब पहुंच गया है।

केंद्र द्वारा संचालित वायु गुणवत्ता और मौसम पूर्वानुमान और अनुसंधान प्रणाली (सफर) के मुताबिक, रविवार शाम (7 नवंबर) तक हवा की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं होगा। हालांकि ‘बहुत खराब’ श्रेणी में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।

इससे पहले सफर ने जानकारी दी थी कि अगर पिछले साल के 50 प्रतिशत भी पटाखे इस साल जलाए गए तो PM 2.5 आधी रात तक ‘गंभीर’ श्रेणी में प्रवेश कर जाएगा और आज सुबह तक तेजी से AQI 500+ को भी पार कर जाएगा।

मालूम हो कि दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर बैन लगाया था। इसके अलावा कई तरह की अपील भी की गई थी। इसके बाद भी लोगों ने दीपावली पर जमकर आतिशबाजी की। नतीजन दिल्ली में कई जगह एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहद गंभीर हालात की चेतावनी दे रहा है।

बता दें कि शून्य और 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 और 100 के बीच ‘संतोषजनक’ माना जाता है। वहीं 101 और 200 के बीच को ‘मध्यम’, 201 और 300 के बीच को ‘खराब’ माना जाता है। इसके अलावा 301 और 400 के बीच ‘बहुत खराब’, और 401 और 500 के बीच को ‘गंभीर’ की श्रेणी में रखा गया है।

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