अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के पहले सीईओ का ऐलान कर दिया गया है। करीब 2 महीने से चल रही इस प्रक्रिया का आखिरी पड़ाव बुधवार को आया जब ट्रस्ट की बैठक में नए सीईओ के नाम की घोषणा की गई। एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का सीईओ नियुक्त किया गया है। सीईओ के ऐलान के साथ-साथ ट्रस्ट के तीन नए ट्रस्टी भी बनाए गए हैं।
ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाने वाले जितेंद्र मिश्रा का नाम ट्रस्ट के सीईओ के लिए संभावित चेहरों में चल रहा था। जितेंद्र मिश्रा के अलावा पूर्व आईपीएस राजेश पांडेय, पूर्व आईएएस दिनेश चंद्र और आईएस योगेश्वर राम मिश्रा का नाम भी रेस में था। इसके अलावा पूर्व IPS परेश सक्सेना का नाम भी रेस में शामिल था।
इन्हें बनाया गया ट्रस्टी
राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ के साथ-साथ बुधवार को 3 नए ट्रस्टी भी घोषित किए गए। दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की निर्मला यादव को ट्रस्ट में ट्रस्टी की जिम्मेदारी सौंपी गई। महेश भागचंदका इसमें काफी बड़ा नाम हैं। वह राम मंदिर आंदोलन के सबसे चेहरों में से एक दिवंगत अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं।
जितेंद्र मिश्रा के बारे में जानिए
यूपी के देवरिया के रहने वाले जितेंद्र मिश्रा 6 दिसंबर 1986 को वायुसेना में नियुक्त हुए थे। एयरफोर्स में उनकी पहली नियुक्ति बतौर लड़ाकू विमान पायलट के रूप में हुई थी। जितेंद्र मिश्रा की पढ़ाई NDA पुणे, एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, एयर यूनिवर्सिटी और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज से हुई है। उन्होंने वायुसेना में करीब 39 साल अपनी सेवाएं दी।
इस सर्विस के दौरान ऑपरेशन सिंदूर के समय उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। ऑपरेशन सिंदूर के समय जितेंद्र मिश्रा वेस्टर्न कमांड के चीफ थे। ऑपरेशन सिंदूर से पहले उन्होंने कारगिल युद्ध में भी अहम जिम्मेदारी निभाई थी। उन्होंने उस वक्त मिराज 2000 से लेजर गाइडेड बम संचालन वाली टीम में अहम रोल अदा किया था।
क्या होगी पहले सीईओ की जिम्मेदारी
इस नई जिम्मेदारी के मिलने के बाद उनके ऊपर मंदिर के मैनेजमेंट और फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी को मजबूत बनाने का बड़ा काम होगा, जो इस साल की शुरुआत में एक बड़े डोनेशन चोरी विवाद से प्रभावित हुआ था। उनकी नियुक्ति को कहीं न कहीं यूपी विधानसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है। यूपी में अगले साल चुनाव होने हैं और यूपी के ही किसी चेहरे को राम मंदिर ट्रस्ट में अहम जिम्मेदारी देकर इसका फायदा मिल सकता है।
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