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एयर फॉर्स के नए चीफ बीएस धनोआ ने कारगिल की जंग में रात में बरसाए थे बम, तीन पीढि़यां रहीं है फौज में

केंद्र सरकार ने एयर मार्शल बीरेंदर सिंह धनोआ को एयरफॉर्स का नया प्रमुख बनाया है। वे वायुसेना के 22वें चीफ हैं और एयर चीफ मार्शल अरुप राहा की जगह लेंगे।

Author नई दिल्‍ली | December 18, 2016 14:10 pm
केंद्र सरकार ने एयर मार्शल बीरेंदर सिंह धनोआ को एयरफॉर्स का नया प्रमुख बनाया है।

केंद्र सरकार ने एयर मार्शल बीरेंदर सिंह धनोआ को एयरफॉर्स का नया प्रमुख बनाया है। वे वायुसेना के 22वें चीफ हैं और एयर चीफ मार्शल अरुप राहा की जगह लेंगे। राहा 31 दिसंबर को रिटायर होंगे। धनोआ 1978 में फाइटर पायलट के रूप में वायुसेना में शामिल हुए थे। वे क्‍वालिफाइड फ्लाइंग इंस्‍ट्रक्‍टर रहे हैं और कई तरह के लड़ाकू विमान उड़ा चुके हैं। कारगिल की जंग के दौरान उन्‍होंने फाइटर स्‍कवाड्रन को कमांड किया था और खुद ने भी रात के समय कई बार हमले बोले थे। इस कार्रवाई के लिए उन्‍हें युद्ध सेवा मेडल और वायुसेना मेडल से सम्‍मानित किया गया था। साल 2015 में उन्‍हें अति विशिष्‍ट सेवा मेडल दिया गया था। धनोआ ने फाइटर बेस के स्‍टेशन कमांडर और विदेशों में भारतीय सैन्‍य प्रशिक्षण टीम के नेतृत्‍व जैसी जिम्‍मेदारियां निभा चुके हैं। वे तीसरे सिख हैं जो वायुसेना प्रमुख बने हैं। उनसे पहले अरजन सिंह और दिलबाग सिंह यह जिम्‍मेदारी संभाल चुके हैं।

वे वेलिंगटन में डिफेंस सर्विसेज स्‍टाफ कॉलेज में चीफ इंस्‍ट्रक्‍टर, एयर हैडक्‍वार्टर्स में एयर स्‍टाफ (इंटेलिजेंस) के असिस्‍टेंट चीफ और दो ऑपरेशनल कमांड्स के सीनियर एयर स्‍टाफ ऑफिसर भी रह चुके हैं। वाइस चीफ बनने से पहले वे साउथ-वेस्‍टर्न के एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ थे। धनोआ के पिता सारायण सिंह भी एयर ऑफिसर रह चुके हैं। इसके अलावा वे पंजाब सरकार में चीफ सेक्रेटरी भी रह चुके हैं। वायुसेना के नए प्रमुख के दादा ब्रिटिश इंडियन आर्मी में कैप्‍टन थे और दूसरे विश्‍व युद्ध में लड़े थे।

केंद्र सरकार ने 17 दिसंबर को थलसेना प्रमुख के नाम का भी एलान किया। इस पद के लिए लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत को चुना है। रावत को चीफ चुने जाने के लिए कमांड चीफ लेफटिनेंट प्रवीण बक्शी और दक्षिणी कमान के आर्मी चीफ लेफ्टिनेंट पीएम हारिज को नजरअंदाज किया गया। सरकार का कहना है कि बिपिन को मेरिट के आधार पर चुना गया है। सरकार के पास किसी को भी आर्मी चीफ चुनने का हक है लेकिन अबतक ज्यादातर मामलों में बाकियों में सबसे सीनियर को ही इस पद पर लाया जाता है। अब सबकी निगाहें लेफ्टिनेंट जनरल प्रवीण बक्शी और लेफ्टिनेंट पीएम हारिज पर होंगी।

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