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Air India Sell: खरीददार नहीं मिले तो बोली मोदी सरकार- पूरी हिस्सेदारी बेच दूंगा, बस कर्ज का भी बोझ उठा लें

एअर इंडिया के संभावित खरीदारों को विनिवेश प्रक्रिया के शुरुआती चरण में ही कंपनी से जुड़े सभी दस्तावेज और शेयर खरीद समझौते के मसौदे तक पहुंच उपलब्ध करायी जाएगी।

Author नई दिल्ली | Updated: January 27, 2020 1:53 PM
मोदी सरकार एयर इंडिया में हिस्सेदारी बेचना चाहती है। ( Express Photo)

एयर इंडिया के खरीददार नहीं मिलने पर मोदी सरकार ने कहा कि पूरे हिस्सेदारी बेच दूंगा, बस खरीददार कर्ज का बोझ भी उठा ले। कर्ज के बोझ से लदी एअर इंडिया में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की निविदा सरकार ने सोमवार को जारी कर दी है। सरकार ने इच्छुक पक्षों से 17 मार्च तक आरंभिक बोलियों के रुचि पत्र मंगाए हैं। एअर इंडिया के रणनीतिक विनिवेश के तहत सरकार एअर इंडिया की सस्ती विमानन सेवा ‘एअर इंडिया एक्सप्रेस’ में भी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगी। दरअसल सरकार ने 2018 में एअर इंडिया की 76 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने और 5.1 अरब डॉलर कर्ज उतारने की कोशिश की थी लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हुआ था।

सोमवार को जारी एक डॉक्यूमेंट से पता चलता है कि इस खरीद के लिए बोली लगाने वाले के लिए अंतिम तारीख 17 मार्च रखी गई है। और किसी भी खरीददार को 232.87 अरब रुपये का कर्ज और अन्य देनदारियों को चुकाने के लिए सहमत होना पड़ेगा। सरकार ने यह भी कहा कि एयरलाइन का पर्याप्त स्वामित्व और प्रभावी नियंत्रण एक भारतीय इकाई के पास रहना चाहिए।

एअर इंडिया के संभावित खरीदारों को विनिवेश प्रक्रिया के शुरुआती चरण में ही कंपनी से जुड़े सभी दस्तावेज और शेयर खरीद समझौते के मसौदे तक पहुंच उपलब्ध करायी जाएगी। सरकार के निविदा पत्र के अनुसार संभावित खरीदारों को इसके अलावा एअर इंडिया की खरीद के लिए प्रस्ताव पत्र (आरएफपी) भेजने के चरण से पहले कंपनी के लेखा-जोखा की विस्तृत शोध रपट (ड्यू डिलिजेंस रिपोर्ट) भी उपलब्ध करायी जाएगी। आमतौर पर प्राथमिक सूचना ज्ञापन (पीआईएम) रखे जाने के बाद बोली लगाने वालों के रूचि दिखाने पर उन्हें सभी दस्तावेज और शेयर खरीद समझौते का मसौदा उपलब्ध कराया जाता है।

इसके अलावा एअर इंडिया के सिंगापुर एयरलाइंस (सैट्स) के साथ संयुक्त उपक्रम ‘एअर इंडिया-सैट्स एयरपोर्ट र्सिवसेस प्राइवेट लिमिटेड’ (एआईसैट्स) की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची जाएगी। एअर इंडिया का प्रबंधन भी सफल बोली लगाने वाले को हस्तांतरित कर दिया जाएगा।

एक अधिकारी ने बताया कि विस्तृत रपट बनाते वक्त कंपनी के विभिन्न समझौतों के विधिक और प्रौद्योगिकी पक्षों का ध्यान रखा जाएगा। सरकार इसके लिए बहुत जल्द प्रौद्योगिकी और कानूनी सलाहकार की नियुक्ति करेगी। बोली लगाने वालों में जिन्हें कंपनी के दस्तावेजों और शेयर खरीद समझौते के मसौदे का अध्ययन करना होगा उन्हें उसके लिए एक करोड़ रुपये जमा कराने होंगे। एअर इंडिया खरीद के लिए रुचि पत्र भेजने की अंतिम तारीख 17 मार्च है जबकि इससे जुड़े सवाल इत्यादि पूछने के लिए अंतिम तारीख एक फरवरी है। (भाषा और रॉयटर्स इनपुट के साथ)

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