एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट पर एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की शुरुआती रिपोर्ट सामने आ गई है। AAIB की रिपोर्ट में कहा गया है कि टेस्ट में पायलट-इन-कमांड का साइको-एक्टिव पदार्थ के लिए किया गया टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि साइको-एक्टिव पदार्थ के इस्तेमाल की पुष्टि होना गंभीर चिंता का विषय है।
AAIB ने इस मामले में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से पायलट के खिलाफ प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने की सिफारिश की है।
AAIB की रिपोर्ट में पता चला है कि जब विमान 36,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था तो उसके तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम (ग्रीन, ब्लू और येलो) का प्रेशर कुछ ही सेकेंड में खत्म हो गया था। इससे ऑटोपायलट बंद हो गया, स्टॉल की चेतावनी जारी हुई और विमान की ऊंचाई में अचानक बदलाव आया। रिपोर्ट के अनुसार, विमान अपनी निर्धारित ऊंचाई से 372 फीट ऊपर गया और फिर 292 फीट नीचे आ गया।
AAIB ने कहा है कि दुर्घटना के तकनीकी और अन्य पहलुओं की जांच जारी है। जांच में जुटे अफसर विमान की हाइड्रोलिक प्रणालियों में आई खराबी और अन्य संभावित कारणों की पड़ताल कर रहे हैं। AAIB की 10 पन्नों की रिपोर्ट के अनुसार, विमान की ‘ग्रीन’, ‘ब्लू’ और ‘येलो’ हाइड्रोलिक प्रणालियों में लगभग एक ही समय पर खराबी आ गई थी लेकिन कुछ ही सेकेंड में ये प्रणालियां फिर से काम करने लगीं और विमान ने दिल्ली तक अपनी उड़ान जारी रखी और यह सुरक्षित उतर गया।
छत के कई पैनल में आई दरारें
रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना से विमान के भीतर काफी नुकसान हुआ। छत के कई पैनल में दरारें आ गईं, यात्रियों के सामान रखने के लिए ऊपर बने खानों के कुछ हिस्से हिल गए, रेलिंग टूट गईं और थोड़ा बहुत और नुकसान हुआ।
जांच में विमान के रखरखाव से जुड़े पुराने रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है। फुकेट से उड़ान भरने से पहले विमान की जांच की गई थी और न्यूनतम उपकरण सूची (एमईएल) से संबंधित पहले से दर्ज एक मामले के अलावा कोई नयी खराबी नहीं पायी थी।
दोनों पायलटों का हुआ ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट
रिपोर्ट के मुताबिक, उड़ान के बाद, दोनों पायलटों का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट किया गया, जिसके नतीजे ठीक आए लेकिन बाद में साइकोएक्टिव पदार्थ का पता लगाने वाले टेस्ट में PIC का नतीजा ‘नॉन-नेगेटिव’ आया, जिसकी पुष्टि बाद में लैब में हुए ब्लड टेस्ट से भी हुई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि उस समय को-पायलट विमान उड़ा रहे थे, उन्होंने स्थिति को संभाला। इसके बाद कप्तान ने विमान का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, थोड़ी देर बाद ब्लू हाइड्रोलिक सिस्टम फिर से काम करने लगा। इसके कुछ सेकंड बाद येलो और ग्रीन हाइड्रोलिक सिस्टम भी काम करने लगे।
क्या हुआ था विमान में?
चार अगस्त को फुकेट से दिल्ली जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट अचानक 300 फीट नीचे आ गई थी। इस घटना में 20 यात्री और केबिन क्रू के चार सदस्य घायल हो गए थे। यह विमान करीब 36,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर रहा था और अचानक तेज टर्बुलेंस की वजह से 300 फीट नीचे आ गया था। इसका वीडियो भी सामने आया था।
विमान बाद में दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतर गया था। यह घटना एअर इंडिया की उड़ान AI2379 में हुई थी और विमान Airbus A320 था। विमान ने स्थानीय समयानुसार सुबह 8:41 बजे फुकेट से उड़ान भरी थी। इसमें 137 यात्री और आठ क्रू सदस्य सवार थे।
यात्रियों के मुताबिक, उस वक्त अधिकतर लोग आराम कर रहे थे। तभी विमान अचानक जोर-जोर से हिलने लगा और दो-तीन मिनट तक हिलता रहा। यात्रियों के मुताबिक, इस दौरान कई लोग अपनी सीटों से उछल गए और कुछ को चोटें आईं। लोगों ने इस घटना को बेहद डरावना बताया था।
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थाईलैंड के फुकेत से दिल्ली आ रही फ्लाइट टर्बुलेंस के कारण लगभग 300 फीट नीचे आ गई, जिससे विमान के अंदर अफरा-तफरी मच गई। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
