एअर इंडिया ने शिकागो, शंघाई, सिंगापुर, ढाका और माले जाने वाली उड़ानें रद्द कीं हैं। इसके साथ ही एयरलाइंस ने कई अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर भी उड़ानें कम की हैं। एअर इंडिया का कहना है कि जेट ईंधन की रिकॉर्ड-हाई कीमतों के कारण कई लंबी दूरी के मार्गों पर उड़ान भरना अब अधिक महंगा हो गया है।

एक आधिकारिक बयान में, एअर इंडिया ने कहा कि यह निर्णय दो प्रमुख चुनौतियों के कारण लिया गया है। पहला विशिष्ट क्षेत्रों पर हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए जेट ईंधन की रिकॉर्ड-हाई कीमतों के कारण कई लंबी दूरी के मार्गों पर उड़ान भरना अब अधिक महंगा और चुनौतीपूर्ण हो गया है। दूसरा, अंतिम समय में उड़ानें रद्द होने के जोखिम से बचने के लिए।

एयरलाइंस ने कहा कि वह नेटवर्क को अधिक स्थिर बनाने और यात्रियों को भ्रम से बचाने के लिए पहले से ही उड़ानों की संख्या कम कर रही है। इन बदलावों के बावजूद, एअर इंडिया का कहना है कि वह पांचों महाद्वीपों में हर महीने 1,200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करेगी।

प्रेस रिलीज में कहा गया है कि उत्तरी अमेरिका के लिए अभी भी 33 साप्ताहिक उड़ानें, यूरोप के लिए 47 साप्ताहिक उड़ानें, ब्रिटेन के लिए 57 साप्ताहिक उड़ानें, ऑस्ट्रेलिया के लिए 8 साप्ताहिक उड़ानें, सुदूर पूर्व, दक्षिण पूर्व एशिया और सार्क क्षेत्रों के लिए 158 साप्ताहिक उड़ानें और मॉरीशस (अफ्रीका) के लिए 7 साप्ताहिक उड़ानें होंगी।

दिल्ली-शिकागो सेवा को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया

इसके साथ ही दिल्ली-शिकागो उड़ान को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को, टोरंटो और वैंकूवर जाने वाली उड़ानों की संख्या कम कर दी गई है। मुंबई-न्यूयॉर्क और दिल्ली-नेवार्क फ्लाइट्स भी अस्थायी रूप से रोक दी जाएंगी। यूरोप में भी उड़ानों की संख्या कम हो रही है। ऑस्ट्रेलिया में, दिल्ली-मेलबर्न और दिल्ली-सिडनी दोनों उड़ानों को दैनिक संचालन से घटाकर सप्ताह में केवल 4 उड़ानें कर दिया गया है। इसके अलावा दिल्ली से शंघाई जाने वाली उड़ानें अगस्त तक निलंबित कर दी गई हैं। चेन्नई-सिंगापुर, मुंबई-ढाका और दिल्ली-मालदीव की उड़ानें भी अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं।

 पेट्रोल-डीजल के बाद CNG भी हुई महंगी

तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी। पश्चिम एशिया संकट के बीच तेल कंपनियों का बढ़ता घाटा इस इजाफे की वजह है। नई दरें देशभर में तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। पेट्रोल-डीजल के अलावा सीएनजी के दाम भी बढ़ाए गए हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें