Air Force Staffer Arrested: असम में एक एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात एक सिविल स्टाफर को रविवार को पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स को संवेदनशील सैन्य जानकारी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह राजस्थान खुफिया और वायुसेना खुफिया विभाग का एक संयुक्त अभियान था। इसके तहत उसने एक जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया।

आरोपी सुमित कुमार उत्तर प्रदेश के प्रयागराज का रहने वाला है और वह असम के चाबुआ एयरफोर्स स्टेशन में मल्टी-टास्किंग स्टाफ के तौर पर काम करता था। जांचकर्ताओं ने बताया कि वह 2023 से पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों के संपर्क में था और कथित तौर पर पैसों के बदले सीक्रेट जानकारी शेयर कर रहा था।

सुमित कुमार ने सीक्रेट जानकारी साझा की

यह पूरा मामला जनवरी में शुरू होता है, जब राजस्थान की खुफिया एजेंसी ने जैसलमेर के रहने वाले झबराराम को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान कुमार का नाम सामने आया और उसे इस पूरे नेटवर्क की एक अहम कड़ी माना गया। इसके बाद एजेंसियों ने उस पर नजर रखना शुरू कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि सुमित कुमार ने कथित तौर पर अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए वायु सेना के अभियानों से संबंधित संवेदनशील जानकारी हासिल की और उसे आगे बढ़ाया। इसमें फाइटर एयरक्राफ्टी की तैनाती, मिसाइल सिस्टम, बीकानेर के चाबुआ और नल वायु सेना स्टेशनों पर तैनात अधिकारियों और कर्मियों से संबंधित जानकारी शामिल थी।

यह भी पढ़ें: ‘घटना तो सपने में हुई थी’, पीड़िता ने दिया बयान, नाबालिग से छेड़छाड़ केस में वायुसेना जवान बरी

जांचकर्ताओं ने यह भी पाया कि उसने कथित तौर पर पाकिस्तानी हैंडलर्स को अपने नाम पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करके सोशल मीडिया अकाउंट बनाने में मदद की। इससे सीक्रेट कम्युनिकेशन संभव हो सका। जानकारी के आधार पर राजस्थान खुफिया विभाग ने वायु सेना खुफिया विभाग के साथ मिलकर कुमार को हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए उसे जयपुर के सेंट्रल इंटेरोगेशन सेंटर ले जाया गया।

एजेंसियों की पूछताछ के बाद उसे ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट 1923 और बीएनएस की कई धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों ने इस ऑपरेशन को अहम सफलता बताते हुए कहा कि इससे देश भर में रक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने वाले एक जासूसी नेटवर्क का पता चलता है। इसमें शामिल अन्य कड़ियों और संचालकों की पहचान के लिए आगे की जांच जारी है।