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EU सांसदों का दौरे पर ओवैसी ने पढ़ा शेर- अपनों पर सितम, गैरों पर करम; AAP भी बोली- ये PM की कमजोरी

ओवैसी ने कहा कि मोदी सरकार ने इस फैसले के जरिए 'अपनों पर सितम और गैरों पर करम' किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सांसदों का प्रतिनिधिमंडल आधाकारिक नहीं था।

Asaduddin Owaisi, AIMIM, PM, Narendra Modi, BJP, NDA, Mathura, UP, Remark Om, Gaaye, Cow, Hindu, Constitution, Life, Equalit, National News, Hindi News(फाइल फोटो)

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने यूरोपियन यूनियन के सांसदों के कश्मीर दौरे पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने इसका विरोध मशहूर गाने के जरिए किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने इस फैसले के जरिए ‘अपनों पर सितम और गैरों पर करम’ किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सांसदों का प्रतिनिधिमंडल आधाकारिक नहीं था।

ओवैसी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ‘ये कोई यूरोपियन यूनियन का प्रतिनिधिमंडल नहीं है। सांसदों का यह प्राइवेट दौरा है। इससे साफ है कि मोदी सरकार ने आर्टिकल 370 को हटाने का जो फैसला लिया उसे वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबके सामने सही साबित नहीं कर पाई। उनका यह कदम सरकार की बौखलाहट को दिखाता है। मुस्लिम बहुल कश्मीर जिन सांसदों को भेजा गया उनमें से कई हिटलर लवर हैं और वह नाजीवाद के समर्थक हैं। इनके दिलों दिमाग में इस्लामोफोबिया भरा पड़ा है।’

उन्होंने आगे कहा ‘एक तरफ नजरबंद पूर्व मुख्यमंत्री (महबूबा मुफ्ती) की बेटी को अगर अपनी मां से मिलना है तो उन्हें सुप्रीम कोर्ट से इजाजत लेनी पड़ती है लेकिन दूसरी तरफ आपने कश्मीर में ऐसे लोगों को भेजा जो कि मुस्लिमों से नफरत करते हैं। इससे सरकार की बौखलाहट साफ नजर आती है।’

वहीं आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा ‘ये मोदी सरकार की विदेश नीति की सबसे बड़ी कमजोरी है। हम कश्मीर के ऊपर विदेशी राजनीति से समझौता नहीं कर सकते। ये भार सरकार की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत बड़ी गलती है। आखिर ये लोग (सांसद) होते कौन हैं।’

वहीं शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के एक संपादकीय में हैरानी जतायी गयी है कि क्या यूरोपीय संघ के शिष्टमंडल की यात्रा भारत की स्वतंत्रता और संप्रभुता में ‘‘बाहरी हस्तक्षेप’’ नहीं है? इसके साथ ही संपादकीय में विदेशी टीम को जम्मू-कश्मीर का दौरा करने की अनुमति देने के पीछे के तर्क पर भी सवाल उठाया गया है।

गौरतलब है कि 23 यूरोपीय सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू-कश्मीर का दो दिवसीय दौरा किया है। इन सांसदों ने बुधवार को कहा कि अनुच्छेद 370 भारत का आंतरिक मामला है और वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वह देश के साथ खड़े हैं।

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