अखिलेश यादव के बयान पर बोले असदुद्दीन ओवैसी, भारत को तोड़ने वाले और पाक को बनाने वाले का नाम जिन्ना, कहा- सरदार पटेल, नेहरू, गांधी और जिन्ना सब थे बैरिस्टर

बीते 31 अक्टूबर को उत्तरप्रदेश के हरदोई में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा था कि सरदार पटेल, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और जिन्ना एक ही संस्था में पढ़ कर बैरिस्टर बनकर आए थे। उन्होंने एक ही जगह पर पढ़ाई लिखाई की और बैरिस्टर बने।

अखिलेश यादव के जिन्ना वाले बयान को लेकर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि भारत को तोड़ने वाले और पाकिस्तान को बनाने वाले का नाम जिन्ना था। (फोटो: पीटीआई/ एक्सप्रेस फोटो)

पिछले दिनों उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा मोहम्मद अली जिन्ना को लेकर दिए गए बयान पर मचा बवाल अभी भी नहीं थमा है। गुरुवार को एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने  अखिलेश यादव के जिन्ना वाले बयान को लेकर कहा कि भारत को तोड़ने वाले और पाक को बनाने वाले का नाम जिन्ना था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरदार पटेल, नेहरु, गांधी और जिन्ना सब बैरिस्टर ही थे।

गुरुवार को उत्तरप्रदेश के मुरादाबाद में आयोजित रैली में हैदराबाद से एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सपा प्रमुख के बयान को लेकर कहा कि अखिलेश यादव ने जिन्ना का जिक्र किया। आप (अखिलेश) पढ़ लें कि सरदार पटेल, नेहरू, गांधी और जिन्ना सब बैरिस्टर थे। भारत को तोड़ने वाले और पाकिस्तान को बनाने वाले का नाम जिन्ना था। उम्मीद है कि आप दोबारा ऐसी गलती नहीं करेंगे।

दरअसल बीते 31 अक्टूबर को उत्तरप्रदेश के हरदोई में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा था कि सरदार पटेल जमीन को पहचानते थे और जमीन को देखकर फैसले लेते थे। वह जमीन को समझ लेते थे तभी फैसला लेते थे, इसलिए आयरन मैन के नाम से जाने जाते हैं। इसी दौरान उन्होंने यह भी कहा था कि सरदार पटेल जी, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और जिन्ना एक ही संस्था में पढ़ कर बैरिस्टर बनकर आए थे। उन्होंने एक ही जगह पर पढ़ाई लिखाई की। वो बैरिस्टर बने। उन्होंने आजादी दिलाई। अगर उन्हें किसी भी तरह का संघर्ष करना पड़ा होगा तो वो पीछे नहीं हटे।

अखिलेश यादव के इस बयान बीजेपी सहित कई दूसरे दलों के नेता ने भी आपत्ति जताई थी। उस दौरान भी असदुद्दीन ओवैसी ने इन बयानों को लेकर अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा था कि उन्हें यह समझना चाहिए कि भारतीय मुस्लिमों का मोहम्मद अली जिन्ना से कोई सरोकार नहीं है। हमारे पूर्वजों ने पहले ही जिन्ना की टू नेशन थ्योरी को नकार दिया और भारत को अपने देश के रूप में स्वीकार किया।

इसके अलावा उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी जिन्ना वाले बयान को लेकर उन्हें लोगों से माफ़ी मांगने के लिए भी कहा था। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि कुछ लोग अपनी विभाजनकारी मानसिकता से बाज नहीं आ रहे हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का बयान इसी बात को प्रदर्शित करता है। जिन्ना के महिमामंडन के लिए उनको देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।   

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