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लगेगी आग, तो जद में आएंगे घर कई- CAA, NRC के खिलाफ जब राहत इंदौरी ने पढ़ा था शेर, ओवैसी ने किया शेयर

AIMIM चीफ ने सोशल मीडिया पर उर्दू शायर का एक पुराना वीडियो शेयर करते हुए कहा कि उनका जाना निजी नुकसान जैसा है। अल्लाह उनकी आत्मा को शांति दे।

Author Edited By अभिषेक गुप्ता नई दिल्ली | Updated: August 11, 2020 10:47 PM
Rahat Indori, Coronavirus, COVID-19, Asaduddin Owaisi, AIMIMशायर राहत इंदौरी के निधन पर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवेसी ने भी दुख जताया है। (फाइल फोटो)

नामचीन उर्दू शायर राहत इंदौरी के इंतकाल पर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने दुख जताया है। मंगलवार को ट्वीट कर खास अंदाज में उन्होंने इंदौरी साहब को याद किया। कहा कि उनका जाना निजी नुकसान जैसा है। अल्लाह उनकी आत्मा को शांति दे। ओवैसी ने इसके साथ ही उनकी एक शायरी का पुराना वीडियो भी शेयर किया, जिसमें इंदौरी CAA और NRC के खिलाफ शेर पढ़ते नजर आ रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा- मुझसे बुज्दिल की हिमायत न होने वाली। लगेगी आग, तो आएंगे घर कई जद में। यहां पर सिर्फ हमारा मकान थोड़ी न है मियां…।

उन्होंने ट्वीट किया, “इंदौरी साहब के निधन की खबर पाकर मैं निःशब्द हूं। यह मेरे लिए निजी नुकसान है। अल्लाह उन्हें मगफिराह प्रदान करें और उनकी कब्र को रोशन करें।”

ओवैसी ने इसी ट्वीट में आगे लिखा- ये वीडियो क्लिप इसी साल 25-26 जनवरी है। राहत इंदौरी साहब तब हैदराबाद आए थे, जहां उन्होंने CAA NRC & NPR के खिलाफ ऐहतेजाजी मुशायरे में यह शायरी सुनाई थी।

सुनें, इंदौरी साहब की वही शायरी, जो शायद आपको भी पसंद आएः

Speechless to hear the news of @rahatindori‘s passing away. This is a personal loss. May Allah grant him maghfirah & illuminate his grave

This clip is from January 25-26 this year when #RahatIndori sahab had visited us in Hyderabad for an Ehtejaji Mushaira against CAA NRC & NPR pic.twitter.com/PTHmSSoxiz

— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) August 11, 2020

फिल्म जगत के गीतकारों-संगीतकारों ने भी किया यादः इंदौरी साहब को आज जावेद अख्तर, गुलजार, शंकर महादेवन और वरुण ग्रोवर समेत अनेक कवियों, गीतकारों और संगीतकारों ने श्रद्धांजलि दी। गुलजार ने कहा, ‘‘वह अपनी किस्म के अलग शायर थे। उनके जाने से उर्दू मुशायरे में एक खाली जगह पैदा हो गयी है, जिसे कभी नहीं भरा जा सकता।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वो तो लुटेरा था मुशायरों का।’’

वहीं, जावेद अख्तर ने ट्विटर पर इंदौरी को याद करते हुए लिखा कि वह एक निर्भीक शायर थे जिनके जाने से अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘राहत साहब के जाने से समकालीन उर्दू शायरी को और हमारे पूरे समाज को अपूरणीय क्षति हुई है।’’ राहत इंदौरी अपनी शायरी के साथ ही फिल्मों में अपने गीतों के लिए भी मशहूर थे। ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ में ‘देख ले’, गोविंदा अभिनीत ‘खुद्दार’ में ‘तुमसा कोई प्यारा’, ‘करीब’ में ‘चोरी चोरी जब नजरें मिलीं’ और ‘इश्क’ में ‘नींद चुराई मेरी’ जैसे गीत उनकी कलम से लिखे गये।

गीतकार और सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी ने कहा कि इंदौरी एक अलग अंदाज वाले शायर थे। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘उनकी कमी खलेगी। उनके लफ्जों में: ‘एक ही नदी के हैं ये दो किनारे दोस्तो, दोस्ताना जिंदगी से मौत से यारी रखो।’’ संगीतकार शंकर महादेवन ने कहा कि इंदौरी देश के शीर्ष शायरों में गिने जाते थे।

बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण से मंगलवार को राहत इंदौरी का निधन हो गया। नामी उर्दू शायर निधन के बाद अदब की मंचीय दुनिया ने वह नामचीन दस्तखत खो दिया है, जिनकी शेरो-शायरी और काव्य पाठ सुनने के लिये दुनिया भर के मुशायरों और कवि सम्मेलनों में लोग बड़ी तादाद में उमड़ पड़ते थे। हालांकि, यह बात कम ही लोग जानते होंगे कि एक जमाने में वह पेशेवर तौर पर साइन बोर्ड पेंटर थे। (भाषा इनपुट्स के साथ)

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