भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू के सांबा जिले में स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को सुरक्षा के लिहाज से ‘संवेदनशील’ माना है और इसीलिए इस संस्थान में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की सशस्त्र टुकड़ी तैनात की जाएगी। यह जानकारी रविवार को अधिकारियों ने दी है।

भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक होने के कारण जम्मू एम्स ‘संवेदनशील’ है और इसकी सुरक्षा CISF को सौंपे जाने की तैयारी हो रही है। एम्स जम्मू देश का पहला ऐसा अस्पताल बन सकता है, जिसकी सुरक्षा सीआईएसएफ को सौंपी जाएगी।

2024 में पीएम मोदी ने किया था उद्घाटन

सांबा जिले के विजयपुर क्षेत्र में श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के किनारे 226.84 एकड़ में फैला एम्स परिसर अंतरराष्ट्रीय सीमा से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फरवरी 2024 में अस्पताल का उद्घाटन किया था। सुरक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि सीमा के निकट इसकी ”संवेदनशील” स्थिति को देखते हुए केंद्र ने परिसर को सशस्त्र सुरक्षा प्रदान करने की योजना बनाई है।

सुरक्षा सर्वेक्षण के आधार पर लिया जाएगा अंतिम फैसला

सुरक्षा एजेंसियों से अधिकारियों ने बताया है कि फिलहाल ऐसा कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन सुरक्षा सर्वेक्षण और आवश्यक बल की संख्या का आकलन होने के बाद ऐसा फैसला लिया जाएगा। गृह मंत्रालय ने 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद से अस्पतालों में सशस्त्र सुरक्षाकर्मियों की तैनाती से परहेज किया है। उन हमलों में स्वास्थ्य सुविधाओं को भी निशाना बनाया गया था।

स्थायी ड्यूटी पर तैनात होंगे जवान

अधिकारियों ने कहा कि AIIMS-जम्मू में तैनाती CISF के लिए एक स्थायी ड्यूटी होने की उम्मीद है। यह फोर्स, जो स्पेस, न्यूक्लियर और पावर-सेक्टर के क्षेत्रों में ज़रूरी जगहों की सुरक्षा करती है, को कोलकाता मेट्रो की सुरक्षा के लिए भी तैनात किए जाने की उम्मीद है।

2008 आतंकी हमले के बाद कई बार उठ चुकी है ऐसी मांग

अधिकारियों ने बताया कि 2008 के बाद कई अस्पतालों ने अपने परिसरों में सीआईएसएफ सुरक्षा की मांग की, लेकिन संभावित खतरों और बल की सीमित उपलब्धता के व्यापक आकलन के बाद इन प्रस्तावों को मंजूरी नहीं दी गई। सरकारी और प्राइवेट क्षेत्रों में कई ऐसे अस्पताल हैं जहां बहुत अधिक लोग आते हैं।

अगस्त 2024 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद कोलकाता के आर जी कर अस्पताल परिसर में एक डॉक्टर के रेप और हत्या के बाद CISF को अस्थायी रूप से तैनात किया गया है।

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