हाल ही में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के बाद AIADMK में अंदरूनी कलह बढ़ती जा रही है। अंबासमुद्रम सीट से AIADMK विधायक और पूर्व मंत्री डॉ. इसाक्की सुब्बैया ने मंगलवार (26 मई) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अन्नाद्रमुक के चौथे विधायक इसाक्की सुबैय्या ने तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात की और अपना त्यागपत्र सौंपा।
इससे पहले सोमवार को AIADMK के तीन विधायकों ने अपने पद से इस्तीफा दिया था। वहीं आज चौथे विधायक इसाक्की सुब्बैया के इस्तीफे ने पार्टी नेतृत्व को बड़ा झटका दिया है। इसाक्की ने भी विजय की टीवीके ज्वॉइन कर ली है।
AIADMK के वरिष्ठ नेता और दक्षिणी जिलों के प्रमुख चेहरे माने जाने वाले इसाक्की सुब्बैया मंगलवार सुबह चेन्नई सचिवालय पहुंचे। वहां उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष और विधानसभा सचिव से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर अपना आधिकारिक इस्तीफा सौंपा। लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने उनका इस्तीफा लेने से मना कर दिया। इसाक्की को सलाह दी गई कि वह इस्तीफे को अपने हाथ से लिखकर सौंंपें।
कौन हैं इसाक्की सुब्बैया
डॉ. इसाक्की सुब्बैया ने 2011 में जे. जयललिता की कैबिनेट में कानून मंत्री के रूप में काम किया था।
2016 में जयललिता के निधन के बाद AIADMK में हुए विभाजन के दौरान उन्होंने टी. टी. वी. दिनाकरन का साथ दिया था। वही व्यक्ति थे जिन्होंने अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (AMMK) को उसका मुख्यालय भवन दान में दिया था। बाद में उन्होंने फिर से AIADMK जॉइन की और 2021 तथा मौजूदा 2026 विधानसभा चुनावों में अंबासमुद्रम सीट से लगातार जीत हासिल की। इसके साथ ही वे नेल्लई और तेनकासी जिलों में पार्टी के प्रमुख स्तंभ बनकर उभरे।
2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बनने के बीच सदन में बहुमत साबित करने के दौरान इसाक्की सुब्बैया ने एस.पी. वेलुमणि और सी.वी. षणमुगम गुट के समर्थन में थे और टीवीके सरकार के पक्ष में वोट दिया था। यह कदम उन्होंने ईपीएस (के. पलानीस्वामी) के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए उठाया।
एस.पी. वेलुमणि गुट को उम्मीद थी कि उन्हें नई कैबिनेट में जगह मिलेगी। लेकिन जब यह स्पष्ट हो गया कि मंत्रिमंडल में उन्हें कोई स्थान नहीं मिलेगा तो वेलुमणि खेमे के 25 विधायकों में भारी नाराजगी फैल गई। इनमें से 5 विधायक कल EPS गुट में वापस लौट गए जबकि 3 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया। अब इसाक्की सुब्बैया के भी इस्तीफा देने के बाद वेलुमणि गुट की ताकत घटकर 16 रह गई है।
सोमवार को तीन विधायकों ने दिया था इस्तीफा
आपको बता दें कि इससे पहले AIADMK के तीन विधायकों ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा देकर मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली TVK पार्टी जॉइन कर ली थी।
इन विधायकों में शामिल हैं:
मरगतम कुमारवेल (मदुरांतकम ब्लॉक)
जयकुमार (पेरुंदुरई विधानसभा क्षेत्र)
सत्यभामा (धारापुरम विधानसभा क्षेत्र)
बताया जा रहा है कि कुछ और नाराज विधायक भी जल्द TVK का रुख कर सकते हैं जिससे तमिलनाडु की राजनीति और गरमा गई है। बता दें कि अगर इसाक्की सुब्बैया का इस्तीफा स्वीकार हो जाता है तो विधानसभा में AIADMK विधायकों की संख्या 44 से घटकर 43 हो जाएगी।
रणनीति में बदलाव
TVK और AIADMK के सूत्रों के अनुसार, विजय की पार्टी ने आंतरिक तौर पर गठबंधन की रणनीति से हटकर बहुमत की रणनीति अपना ली है। इन आंकड़ों से ही इस जल्दबाजी की वजह साफ होती है।
TVK की अभी सदन में संख्या 107 है। कांग्रेस, CPI, CPI(M), VCK और IUML के समर्थन से विजय अभी आराम से सरकार चला रहे हैं। लेकिन टीवीके के कई वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि एक ही करिश्माई नेता के इर्द-गिर्द बनी पहली पीढ़ी की कोई भी पार्टी, चुनाव के बाद बने सहयोगियों पर हमेशा के लिए निर्भर नहीं रह सकती इसलिए, लक्ष्य सीधा-सा है अकेले TVK से 118 विधायक।
